दुमका, प्रतिनिधि।
नाबार्ड प्रायोजित परियोजना के अंतर्गत जनजातीय लाभार्थियों के लिए विकास भारती बिशुनपुर द्वारा दुमका जिले के घासीपुर पंचायत अंतर्गत ग्राम सहारघाटी में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों में व्याप्त रक्ताल्पता (एनीमिया) एवं अन्य सामान्य बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस दौरान कल्याण अस्पताल, कथीकुंड के चिकित्सकीय स्टाफ ने उपस्थित ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। विशेषज्ञों द्वारा एनीमिया के लक्षण, रोकथाम के उपाय तथा समय पर उपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक (जिला विकास प्रबंधक) श्री शुभेंदु बेहरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में महिला लाभार्थियों को टीडीएफ (ट्राइब्स डेवलपमेंट फंड) परियोजना के तहत आयोजित इस प्रकार के शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं आजीविका सुधार के प्रति नाबार्ड की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस अवसर पर झारखंड ग्रामीण बैंक के वित्तीय साक्षरता परामर्शदाता श्री बापी सेन द्वारा वित्तीय समावेशन विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। सत्र में सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, कम लागत वाले बीमा, बीसी पॉइंट की भूमिका, स्वयं सहायता समूह ऋण, साइबर धोखाधड़ी से बचाव एवं डिजिटल साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिसमें लगभग 45 ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने हिस्सा लिया। लाभार्थियों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे और शिविर आयोजित करने की मांग की।
विकास भारती बिशुनपुर की ओर से दर्शन हेम्ब्रम, बीरेन मोहली एवं मनीषा मुर्मू ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में संवादात्मक स्वास्थ्य जांच के साथ शिविर का समापन किया गया, जिससे प्रतिभागियों में स्वास्थ्य एवं वित्तीय जागरूकता दोनों का विस्तार हुआ।