पाकुड़ संवाददाता।कभी-कभी एक चिंगारी केवल घर नहीं जलाती,बल्कि वर्षों की मेहनत,सपने और जीवनभर की जमा-पूंजी को भी पलभर में राख कर देती है।ऐसा ही दर्दनाक मंजर पाकुड़ सदर प्रखंड के पृथ्वीनगर पंचायत के पृथ्वीनगर गांव में देखने को मिला, जहां बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के पांच मकानों को पूरी तरह निगल लिया।आग की लपटों ने घरों में रखा अनाज,कपड़े, बर्तन,जरूरी दस्तावेज, घरेलू सामान और जीवनभर की कमाई को कुछ ही मिनटों में राख में बदल दिया।
खुले आसमान के नीचे खड़े परिवारों की आंखों में अपने उजड़े आशियाने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के मुखिया पति सेलिम हुसैन ने पाकुड़ की विधायक निसात आलम को पूरे मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही विधायक ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू कराया और रविवार को स्वयं गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।विधायक निसात आलम ने पीड़ितों को सांत्वना देते हुए कहा कि “दुख की इस घड़ी में कांग्रेस परिवार आपके साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। किसी भी परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”उन्होंने प्रभावित परिवारों के बीच आर्थिक सहायता,राशन,कपड़े एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री का वितरण किया,ताकि तत्काल राहत मिल सके।
साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने तथा सरकारी योजनाओं के तहत क्षतिग्रस्त मकानों के निर्माण और उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में पहल करने का भरोसा भी दिया।
विधायक ने प्रशासन से मांग की कि अग्निकांड का शीघ्र सर्वे कराकर पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा और सभी सरकारी राहत योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराया जाए,ताकि वे जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीड़ित परिवारों का हौसला बढ़ाते हुए भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
जब राख में उम्मीद तलाश रहा था परिवार…
पृथ्वीनगर की इस त्रासदी ने एक बार फिर याद दिलाया कि आग केवल ईंट-पत्थर के मकान नहीं जलाती,बल्कि इंसान की यादें,मेहनत और भविष्य के सपनों को भी राख कर देती है। ऐसे समय में यदि कोई संवेदना और सहयोग का हाथ बढ़ाता है, तो वह पीड़ित परिवारों के लिए राहत ही नहीं, बल्कि नई उम्मीद की किरण बन जाता है।