घाघरा प्रखंड स्थित आत्मा कार्यालय में संतुलित उर्वरक उपयोग विषय पर विशेष जागरूकता अभियान सह कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में बीटीएम नीरज सिंह ने किसानों को खेतों में संतुलित मात्रा में उर्वरक प्रयोग करने के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनी रहती है तथा फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। उन्होंने यह भी कहा कि असंतुलित एवं अत्यधिक रासायनिक खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
कृषि वैज्ञानिक अटल जी ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच के अनुसार खाद का उपयोग करने से बेहतर उत्पादन के साथ-साथ लागत में भी कमी लाई जा सकती है।
इस अवसर पर आत्मा के जिला उप परियोजना निदेशक तृप्ति तिर्की, बीटीएम नीरज सिंह, एटीएम पूनम बेदिया, किसान मित्र जोसिंदर गोप, अशोक महतो, जयनाथ भगत सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।