पाकुड़, संवाददाता। पुलिस अधीक्षक पाकुड़ अनुदीप सिंह के निर्देश पर कोर्ट सुरक्षा नोडल पदाधिकारी सह पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) ने सोमवार को जिला व्यवहार न्यायालय परिसर एवं न्यायाधीशों के आवासीय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान परिचारी प्रवर, पुलिस केंद्र एवं कोर्ट सुरक्षा प्रभारी भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान न्यायालय परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD), कोर्ट हाजत, कैदी एस्कॉर्ट व्यवस्था तथा सुरक्षा में तैनात जवानों द्वारा की जा रही सघन तलाशी (फ्रिस्किंग) की गहन समीक्षा की गई।
सुरक्षा जांच के बाद न्यायालय सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान निम्न महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए.
- बिना सघन तलाशी (Frisking) के किसी भी व्यक्ति को न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए।
- तलाशी के दौरान आग्नेयास्त्र, ज्वलनशील पदार्थ, नुकीली वस्तु अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को परिसर में प्रवेश से रोका जाए।
- कैदी एस्कॉर्ट ड्यूटी में तैनात पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को कैदियों के आवागमन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
- न्यायालय परिसर एवं न्यायिक आवासीय कॉलोनी में सुरक्षा के लिए तैनात बल किसी भी परिस्थिति में संतरी पोस्ट खाली न छोड़ें।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए नियमित निरीक्षण और समीक्षा की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।