पाकुड़ संवाददाता:
त्याग, बलिदान और भाईचारे का पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) पाकुड़ जिले में शांति, सौहार्द और अमन के माहौल में मनाया गया। जिले के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने अल्लाह की इबादत कर देश और समाज में अमन-चैन की दुआ मांगी।
नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया। पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। उपायुक्त मेघा भारद्वाज एवं पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
वरीय अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में तैनात दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए। वहीं अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस बल ने शहर के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
प्रशासन की ओर से प्रमुख चौक-चौराहों, ईदगाहों एवं मस्जिदों के पास पुलिस बल, क्विक रिस्पॉन्स टीम और गश्ती दल तैनात रहे। अधिकारियों ने आमलोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
बकरीद के मौके पर जिलेभर में उत्साह, भाईचारा और सौहार्द का अनोखा दृश्य देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह नजर आया और लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर ईद की खुशियां साझा कीं।
नमाज़ के बाद अदा की गई कुरबानी, जरूरतमंदों में बांटा गया गोश्त
ईद-उल-अजहा के अवसर पर नमाज़ अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने परंपरा के अनुसार कुरबानी दी। इसके बाद गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा गया—एक हिस्सा परिवार के लिए, जबकि दो हिस्से गरीबों, जरूरतमंदों और दोस्तों के बीच वितरित किए गए।
लोगों ने जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर गोश्त बांटा और इंसानियत एवं भाईचारे का संदेश दिया। लोगों का कहना था कि ईद-उल-अजहा केवल कुरबानी का पर्व नहीं, बल्कि त्याग, मोहब्बत और एक-दूसरे की मदद करने का संदेश देता है।
पर्व के दौरान पूरे जिले में प्रशासन की सतर्कता और आम लोगों के सहयोग से बकरीद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
पाकुड़ में शांति से मनाई गई बकरीद, प्रशासन अलर्ट, नमाज के बाद कुरबानी और भाईचारे का संदेश