सरैयाहाट (दुमका)।
नाबार्ड द्वारा संचालित जीवा प्राकृतिक खेती परियोजना के तहत प्रखंड सरैयाहाट के दुलाटांड़ एवं पारसदह गांव में शनिवार को परियोजना का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण नाबार्ड रांची के उप महाप्रबंधक श्री गौरव कुमार एवं जिला विकास प्रबंधक, दुमका श्री शुभेंदु बेहरा की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जीवा परियोजना के अंतर्गत संचालित प्राकृतिक खेती की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। इसमें प्राकृतिक खेती पोषण वाटिका, जीवामृत, हांडी औषधि, देशी मुर्गी पालन फॉर्म एवं इंटरक्रॉपिंग को विस्तार से देखा गया। साथ ही प्राकृतिक खेती को और अधिक बढ़ावा देने हेतु नए-नए विषयों पर किसानों को जानकारी दी गई।
मौके पर उपस्थित किसानों ने बताया कि वे किस प्रकार प्राकृतिक खेती कर रहे हैं तथा इसमें किन-किन प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। इस पर नाबार्ड के उप महाप्रबंधक श्री गौरव कुमार ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रकृति आधारित खेती की ओर प्रेरित हो सकें।
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि नाबार्ड द्वारा पूर्व में लगाए गए वाड़ी क्षेत्रों में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर इंटरक्रॉपिंग की जा रही है, जिसे देखकर नाबार्ड के अधिकारी काफी प्रसन्न हुए। इस अवसर पर किसानों को आगे बढ़ाने हेतु केसीसी चेक का वितरण भी किया गया तथा उन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड ग्रामीण बैंक, डिग्गी शाखा के शाखा प्रबंधक श्री चंदन कुमार भी उपस्थित थे, जिन्होंने किसानों को आर्थिक सहायता के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर चेतना विकास की निदेशिका श्रीमती रानी कुमारी ने जिला परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों को बिंदुवार साझा किया तथा किसानों द्वारा की जा रही प्राकृतिक खेती की प्रगति की जानकारी दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में चेतना विकास के सभी सहयोगियों एवं स्थानीय किसानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।