बरहड़वा।आरपीएफ पुलिस ने शुक्रवार शाम फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन से बरहरवा रेलवे स्टेशन पर कछुआ तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान 22 बैग में भरे प्रतिबंधित कछुओं के साथ दो महिला एवं एक पुरुष तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
मामले की जानकारी देते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि साहिबगंज–बरहरवा रेलखंड के रास्ते कछुआ की अवैध तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर आरपीएफ जवानों को अलर्ट मोड पर रखा गया और ट्रेनों में विशेष निगरानी शुरू की गई।
इसी क्रम में 15734 डाउन फरक्का एक्सप्रेस के साहिबगंज से खुलते ही ट्रेन में सवार तीन यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। ट्रेन गश्ती के दौरान आरपीएफ जवान लगातार उन पर नजर बनाए हुए थे। जैसे ही ट्रेन तालझारी स्टेशन के पास पहुंची, आरपीएफ टीम ने सघन जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान कुल 22 बैग बरामद किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में कछुए पाए गए। कछुओं का आकार छोटे से लेकर काफी बड़े तक था, जिससे स्पष्ट होता है कि तस्करी सुनियोजित तरीके से की जा रही थी। बरामद सभी बैगों को बरहरवा रेलवे स्टेशन पर उतारकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल कछुओं की कुल संख्या की गिनती नहीं हो सकी है।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले करण पत्रकट, कुसमा पत्रकट और मंजू पत्रकट के रूप में की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बनारस से कछुए खरीदकर पश्चिम बंगाल के फरक्का ले जा रहे थे, जहां इन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी।
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही बरामद सभी कछुओं को वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें सौंपा जाएगा, ताकि उनका सुरक्षित संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।