लातेहार सदर थाना क्षेत्र में बीते दो दिनों से लगातार सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा देखा जा रहा है। आमजन के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर सड़क पर इतनी तेजी से हादसे क्यों हो रहे हैं। बुधवार की शाम को एनएच 39 पर नर्सरी के पास हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर लोगों को झकझोर दिया। चेचिस और ट्रैक्टर की आमने-सामने भिड़ंत में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना का विवरण
बुधवार की शाम करीब 4 बजे लातेहार नगर पंचायत का ट्रैक्टर कचरा लेकर लातेहार से उदयपुरा की ओर जा रहा था। इसी दौरान रांची की ओर से आ रही चेचिस गाड़ी साहवन ढाबा के आगे नर्सरी के पास ट्रैक्टर से सीधी भिड़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर चालक विनोद उरांव, उम्र लगभग 40 वर्ष, निवासी दुगिला, की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ट्रैक्टर पर सवार महिला रश्मि कुमारी (35 वर्ष), पति पिंटू भुईया, निवासी राजहार, गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे में मौजूद तीसरे व्यक्ति मुनेश्वर गंझू बाल-बाल बच गए।
चालक की लापरवाही बनी हादसे का कारण
घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी चमश्दीद रेश्मि देवी ने बताया कि हादसे के समय ट्रैक्टर चला रहे मुनेश्वर गंझू ने गाड़ी विनोद उरांव को नशे की हालत में दे दी थी। नशे में होने के बावजूद विनोद ने खुद ट्रैक्टर चलाने की जिद की और स्टीयरिंग संभाल लिया। कुछ ही देर बाद ट्रैक्टर और चेचिस की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें उसकी जान चली गई और एक महिला जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। इस बयान से यह साफ हो जाता है कि शराब पीकर वाहन चलाना अब भी जिले में गंभीर समस्या बनी हुई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सह थाना प्रभारी सुरेंद्र महतो दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत घायलों को लातेहार सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल रश्मि कुमारी को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया गया। वहीं हादसे के बाद चेचिस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच चल रही है।
जिले में सड़क सुरक्षा पर सवाल
लातेहार जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। गाड़ियों की तेज रफ्तार, नियमों की अनदेखी और नशे में वाहन चलाना दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रहे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि मुख्य सड़कों पर अक्सर कम उम्र के किशोर तेज रफ्तार से बाइक और टेंपो दौड़ाते हुए देखे जा सकते हैं। कई बार न तो वे हेलमेट पहनते हैं और न ही यातायात नियमों का पालन करते हैं। यह लापरवाही न केवल उनकी जान जोखिम में डालती है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी खतरा बनती है।
जागरूकता और सख्ती की जरूरत
यह हादसा केवल एक उदाहरण है कि लापरवाह ड्राइविंग और शराब के नशे में वाहन चलाने से कितनी बड़ी त्रासदी हो सकती है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के सामने चुनौती यह है कि ऐसे मामलों पर कैसे अंकुश लगाया जाए। आमजन की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे नाबालिगों को वाहन न सौंपें और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की सूचना पुलिस को दें।
स्थानीय लोगों का मानना है कि जिला प्रशासन को सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाना चाहिए। तेज रफ्तार बाइकर्स, नाबालिग चालकों और नशे में गाड़ी चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। तभी सड़कों पर हो रहे हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
बढ़ते हादसों से जनाक्रोश
लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से लातेहार के लोग भय में हैं। लोग आपस में बातचीत के दौरान यह सवाल उठाते दिखाई दे रहे हैं कि आखिर हो क्या गया हैं कि लोग इस तरह हादसों की भेंट चढ़ते रहेंगे। बुधवार के हादसे ने एक परिवार का सहारा छीन लिया और दूसरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।