लातेहार:छिपादोहर और हेहेगड़ा रेलवे स्टेशनों को हटाने या विस्थापित किए जाने की चर्चाओं के बीच यह मामला अब लोकसभा तक पहुंच गया है। चतरा के सांसद कालीचरण सिंह ने नियम 377 के तहत सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन स्टेशनों को लेकर क्षेत्र में असंतोष का माहौल है और लोग लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व और आसपास के वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए ये दोनों स्टेशन आवागमन का प्रमुख साधन हैं। विद्यार्थी, किसान, मजदूर, मरीज, छोटे व्यापारी और आदिवासी परिवार शिक्षा, इलाज, रोजगार और अन्य जरूरी कामों के लिए रोज इन स्टेशनों से यात्रा करते हैं।
सांसद ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यदि दोनों स्टेशनों को हटाया गया या उनका स्थान बदला गया तो इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे आर्थिक और सामाजिक परेशानियां बढ़ेंगी। साथ ही क्षेत्र की व्यापारिक और शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगी।
कालीचरण सिंह ने रेल मंत्रालय से मांग की कि स्टेशनों को हटाने या विस्थापित करने से संबंधित किसी भी योजना को तत्काल रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर दोनों स्टेशनों का विकास किया जाए, यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाएं और अधिक ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।