बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जागरूकता रथ को डीडीसी ने किया रवाना,हस्ताक्षर अभियान की भी हुई शुरूआत

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जागरूकता रथ को डीडीसी ने किया रवाना,हस्ताक्षर अभियान की भी हुई शुरूआत
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जागरूकता रथ को डीडीसी ने किया रवाना,हस्ताक्षर अभियान की भी हुई शुरूआत

पलामू:- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जागरूकता अभियान के तहत आज उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया।

इस अवसर पर डीआरडीए निदेशक रतन कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, जिला कल्याण पदाधिकारी सेवा राम साहू, एनडीसी विक्रम कुमार आदि थे। मौके पर सभी ने हस्ताक्षर कर जागरूकता संदेश दिया।

हस्ताक्षर के माध्यम से बालिका जन्म पर खुशी मनाने, लिंग भेद को समाप्त करने, बालिका का स्कूल में दाखिला करवाने और उसकी पढ़ाई निरंतर जारी रखने, बाल विवाह व दहेज कुप्रथा का विरोध करने, अपने आसपास की महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षित व हिंसा मुक्त रखने तथा महिलाओं/बालिकाओं को सम्पति में समान अधिकार देने हेतु संकल्प दोहराए।

उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत जागरूकता रथ को रवाना किया गया। साथ ही हस्ताक्षर अंकित कर जागरूकता संदेश दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बाल लिंगानुपात में सुधार लाना एवं बालिकाओं के प्रति लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाना है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जागरूकता रथ को डीडीसी ने किया रवाना,हस्ताक्षर अभियान की भी हुई शुरूआत

बेटियों के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना और उन्हें शिक्षा का अवसर प्रदान करना है, ताकि बालिकाओं का संरक्षण हो सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियां एवं महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। वे मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में अद्भुत प्रदर्शन कर रही हैं। यह रथ विभिन्न प्रखंडों में जाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगा।वहीं उन्हें बेटियों को शिक्षा देने के लिए प्रेरित भी करेगा।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने कहा कि यह जागरूकता कार्यक्रम 22 जनवरी से चल रहा है। यह कार्यक्रम 8 मार्च तक बच्चियों और महिलाओं को जागरूक करने के लिए चलेगा। बेटियां किसी से कम नहीं है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए हमलोग प्रयत्नशील हैं। सभी विभागों एवं समाजसेवी संस्थाओं के साथ समन्वय से बाल विवाह की रोकथाम सहित बेटियों के संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पलामू की पुलिस अधीक्षक एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा उदाहरण हैं। परिवार के निरंतर समर्थन से वे इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने प्रत्येक महिलाओं से आह्वान किया कि जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए। अपनी शक्ति एवं सकारात्मक सोच से समाज में आमूल-चूल परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य करते रहें।

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