Views: 1160
0 0
मुजफ्फरनगर:युवक की हत्या के आरोप में 15 लोगों को आजीवन कारावास

NEWS APPRAISAL

न्यूज पेपर,Latest Breaking News,R.N.I-NO-JHAHIN/2021/85246

, , ,

मुजफ्फरनगर:युवक की हत्या के आरोप में 15 लोगों को आजीवन कारावास

मुजफ्फरनगर,01 मार्च (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 2019 में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 15 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई और उन पर जुर्माना भी लगाया।शासकीय अधिवक्ता रामनिवास पाल ने शुक्रवार को बताया कि 12 अगस्त 2019…

मुजफ्फरनगर:युवक की हत्या के आरोप में 15 लोगों को आजीवन कारावास
Read Time:5 Minute, 45 Second
मुजफ्फरनगर:युवक की हत्या के आरोप में 15 लोगों को आजीवन कारावास

मुजफ्फरनगर,01 मार्च (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 2019 में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में 15 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई और उन पर जुर्माना भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता रामनिवास पाल ने शुक्रवार को बताया कि 12 अगस्त 2019 को जिले के बुढ़ाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच हिंसक टकराव हुआ था और उस दौरान रफीक नामक एक युवक की मौत हो गई थी और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
उन्होंने बताया कि इस मामले में बुढ़ाना थाना में 15 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सभी गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी मानते हुए आरोपी इरशाद, नफीस, फरहान, इरफान, एहसान, शहजाद, यूनुस, अनीस, सगीर, इरफान, परवेज, तहसीन, ढोला, वकील और शकील को आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा उन पर 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया।
००

(लखनऊ)अखिलेश को ऊंची जातियों व पीडीए के खेमों से करना पड़ रहा आलोचना का सामना


लखनऊ, (आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मुश्किल में फंस गए हैं। ओबीसी, दलितों और अल्पसंख्यकों पर उनकी रणनीति का उलटा असर हुआ है और ऊंची जातियों और पीडीए वर्गों ने उन पर तीखे हमले किए हैं।
हाल के राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग करने वाले सपा के सात विधायकों में से पांच ऊंची जातियों के थे। इनमें से तीन ब्राह्मण व दो ठाकुर थे। उनकी शिकायत थी कि समाजवादी पार्टी ने समावेशिता की नीति छोड़ दी है।
ब्राह्मण विधायकों में से एक ने कहा, पीडीए हमारे लिए कोई जगह नहीं छोड़ता। जिस तरह से स्वामी प्रसाद मौर्य ने सनातन धर्म की आलोचना की और अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी, उससे पता चलता है कि उन्होंने मौर्य की आलोचना को अपनी सहमति दे दी।
पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर गुरुवार को अयोध्या में राम मंदिर का दौरा करने वाले विधायकों में से एक, मनोज पांडे ने कहा, अधिकांश विधायक मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ अयोध्या जाना चाहते थे। हमें लगा कि मंदिर का दौरा पार्टी लाइन से ऊपर होना चाहिए, लेकिन हमारे नेताओं ने न जाने का फैसला किया और हमें इसका पालन करना पड़ा।
ऊंची जाति के विधायकों के साथ ही ओबीसी नेता भी पीडीए के फॉर्मूले पर सवाल उठा रहे हैं।
पार्टी विधायक पल्लवी पटेल ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन की आलोचना की और कहा, जया बच्चन और आलोक रंजन जैसे उम्मीदवारों के चयन में पीडीए कहां है। बाद में वह मान गईं, लेकिन उन्होंने अपना वोट दलित रामजी लाल सुमन को दिया।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा छोडऩे के बाद भी कहा कि सपा सही मायनों में पीडीए का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता के रास्ते से भटक गए हैं।
सपा के पूर्व सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर बार-बार अखिलेश की आलोचना करते रहे हैं और उन पर पीडीए के फॉर्मूले को महज नारे के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते रहे हैं।
पूर्व सांसद सलीम शेरवानी ने भी अखिलेश पर राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन में मुसलमानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी।
पूर्व मंत्री आबिद रजा ने भी इसी आधार पर इस्तीफा दे दिया।
लोकसभा चुनाव के पहले ऊंची जातियों, ओबीसी और मुस्लिम नेताओं द्वारा उनका साथ छोडऩे के बाद, अब उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
एक तरफ, उन्हें अपनी पार्टी की एकता को बनाए रखने के लिए और दूसरी तरफ, अपनी नीतियों के प्रति अपने मतदाताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए कार्य करने की जरूरत है। इसके लिए राजनीतिक कौशल की आवश्यकता है।

Loading

मुजफ्फरनगर:युवक की हत्या के आरोप में 15 लोगों को आजीवन कारावास

About Post Author

NEWS APPRAISAL

It seems like you're looking for information or an appraisal related to news. However, your request is a bit vague. News can cover a wide range of topics and events. If you have a specific news article or topic in mind that you'd like information or an appraisal on,
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

About The Author

About the Author

NEWS APPRAISAL Avatar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

NewsAppraisal.in एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो झारखंड सहित देश-प्रदेश की ताज़ा, सटीक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports