तेनुघाट: तेनुघाट बांध विस्थापित संघर्ष मोर्चा, मिर्जापुर द्वारा बोकारो के उपायुक्त के नाम पत्र लिखकर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार को ज्ञापन सौंपा गया। मोर्चा ने तेनुघाट बांध परियोजना से विस्थापित 448 परिवारों को आवंटित पुनर्वास भूमि की रसीद निर्गत करने की मांग की है।
27 जुलाई 2026 को दिए गए पत्र में बताया गया कि तेनुघाट बांध का निर्माण वर्ष 1965 में शुरू होकर 1972 में पूरा हुआ था। इस परियोजना के तहत बोकारो जिले के पेटरवार, गोमिया तथा रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड की कुल 17,434 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी, जिससे 2162 परिवार विस्थापित हुए थे। इनमें से 448 परिवारों को पांच पुनर्वास स्थलों—मिर्जापुर, पथकी, गागा, हारदियामो और चुड़ो—में बसाया गया।
मोर्चा के अध्यक्ष उमाचरण रजवार ने बताया कि वर्ष 1990 में रांची के धुर्वा स्थित पुनर्वास कार्यालय से विस्थापितों को पुनर्वास पर्चा तो मिल गया था, लेकिन अब तक इन जमीनों की रसीद निर्गत नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि 24 जुलाई 2026 को मिर्जापुर के काली मंदिर में वन विभाग की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें डीएफओ, रेंजर, वनरक्षी और विस्थापित ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 448 विस्थापित परिवारों को रसीद निर्गत करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
मोर्चा के अध्यक्ष उमाचरण रजवार एवं सचिव रविशंकर कुमार ने उपायुक्त से मांग की है कि पुनर्वास पर्चा के आधार पर जमीन की रसीद निर्गत कराने की अनुमति दी जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को अपनी जमीन पर कानूनी अधिकार मिल सके। इस दौरान दर्जनों विस्थापित परिवार मौजूद थे।