टाटा मोटर्स के साथ एमओयू हस्ताक्षर, 10 हजार से अधिक लोगों को मिला ड्राइविंग/लर्निंग लाइसेंस
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR), जमशेदपुर की स्थापना हेतु आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षित, कुशल एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि IDTR की स्थापना से युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कौशल विकास, रोजगार सृजन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास कर रही है। टाटा मोटर्स के सहयोग से स्थापित होने वाला यह संस्थान प्रशिक्षित चालकों के निर्माण के साथ परिवहन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के लाभुकों से सीधा संवाद कर ड्राइविंग लाइसेंस एवं लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आवेदन की समय-सीमा, वाहन श्रेणी और लाइसेंस प्राप्ति में आने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी आवेदक को अनावश्यक परेशानी न हो। विशेष रूप से हेवी व्हीकल लाइसेंस प्रक्रिया को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद सहित कई जिलों के लाभुकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण और लाइसेंस प्रक्रिया को और अधिक आसान बनाया जाएगा, ताकि वे स्वरोजगार और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज राज्य में 10 हजार से अधिक नागरिकों को ड्राइविंग एवं लर्निंग लाइसेंस उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि टाटा मोटर्स के सहयोग से विकसित प्रणाली की तर्ज पर हेवी व्हीकल लाइसेंस प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाए।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया जितनी पारदर्शी और सरल होगी, उतना ही आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने विभाग को समयबद्ध और प्रभावी सेवा सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को निर्धारित समय में लाइसेंस मिलना चाहिए।
इसी क्रम में पलामू में उपायुक्त द्वारा सांकेतिक रूप से 15 आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया गया और उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। जून 2026 में आयोजित विशेष कैंप के माध्यम से 1598 लोगों ने लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया, जिनमें से 1220 लोगों को लाइसेंस जारी किया जा चुका है।
इस अवसर पर मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा, टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया, जनरल मैनेजर गोलम मंडल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।