गोमिया,पिट्स मॉडर्न स्कूल, गोमिया के सभागार में बुधवार को सीबीएसई द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय आंतरिक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। ‘अनुभवात्मक अधिगम’ (Experiental Learning) विषय पर केंद्रित इस कार्यशाला का शुभारंभ प्रशिक्षण समन्वयक, शैक्षणिक समन्वयकों तथा संसाधन विशेषज्ञ द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात प्रशिक्षण समन्वयक अजय कुमार तथा वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक बीरेंद्र प्रसाद वर्मा द्वारा संसाधन विशेषज्ञ अनिल कुमार दुबे को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
प्रशिक्षण समन्वयक अजय कुमार ने सीबीएसई की 50 घंटे की अनिवार्य प्रशिक्षण नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास के लिए मील का पत्थर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रत्येक शिक्षक के लिए सालाना 50 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है, ताकि वे नई शिक्षण विधियों से रूबरू रहें। आज की यह आंतरिक कार्यशाला उसी 50 घंटे की श्रृंखला का हिस्सा है। इसका उद्देश्य किताबी ज्ञान को कोल्ब चक्र जैसे प्रायोगिक मॉडलों से जोड़कर कक्षाओं को अनुभव-आधारित बनाना है।_
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के संसाधन विशेषज्ञ अनिल कुमार दुबे ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में शिक्षकों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ‘करके सीखने’ की बारीकियॉं सिखाईं। उन्होंने कोल्ब चक्र और गतिविधि-आधारित शिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि अनुभवजन्य शिक्षा ही भविष्य है।डेविड कोल्ब* का अनुभवजन्य अधिगम चक्र कक्षा-शिक्षण में क्रांति ला सकता है। उन्होंने बताया, “मैंने जब से ‘करके सीखो’ की विधि अपनाई है, बच्चे विषय को रटते नहीं, जीते हैं। कोल्ब के अनुसार ठोस अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त संकल्पना और सक्रिय प्रयोग – ये चारों चरण पूरे होने पर ही सीखना स्थायी होता है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी इसी बात पर जोर देती है।”
प्राचार्य बृजमोहन लाल दास ने कहा, “यह प्रशिक्षण किताबी ज्ञान को जीवन कौशल में बदलने का सेतु है। हमारे शिक्षक अब कक्षाओं को और जीवंत बनाएंगे।”
गोमिया विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष अरिंदम दास गुप्ता ने कहा, “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव प्रशिक्षित शिक्षक ही रखते हैं। पिट्स मॉडर्न इस दिशा में अग्रणी है।” वहीं आईईपीएल (ओरिका) के एमसीएम श्री अभिषेक विश्वास ने कहा, “उद्योग को करके सीखे हुए युवा चाहिए। यह पहल सराहनीय है।”
कार्यक्रम का संचालन रानी सिंह ने किया।
कार्यशाला में विद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं ने सक्रिय भाग लिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।