रामकुमार की रिपोर्ट,
लातेहार। जिला मुख्यालय से जुड़े पॉलिटेक्निक कॉलेज से तरवाटांड़ व इर्चाक तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति अब क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। वर्ष 2012 में बनी यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह गिट्टियां व पत्थर उखड़कर बाहर आ गए हैं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उभरे पत्थर लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल भी हो चुके हैं।
सड़क की खराब स्थिति का असर अब सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी दिखने लगा है। शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में लोग इस क्षेत्र में आने से कतराने लगे हैं। पहले जहां 100-150 रुपये में ऑटो से यात्रा हो जाती थी, वहीं अब खराब सड़क के कारण चालक 500 रुपये तक किराया मांग रहे हैं।
यह मार्ग पॉलिटेक्निक कॉलेज कालीकरण पथ के जरिए जिला मुख्यालय से जुड़ा होने के कारण इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ मरम्मत नहीं, बल्कि सड़क का पूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाना जरूरी है।
स्थानीय मुखिया शशि कुजूर ने बताया कि वे इस संबंध में उपायुक्त से मिलकर समस्या से अवगत करा चुकी हैं और शीघ्र निर्माण का आश्वासन मिला है।
फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य शुरू होगा और उन्हें सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।