पाकुड़ संवाददाता।
पाकुड़ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी पहल शुरू कर दी गई है। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक में मॉडल सोलर विलेज योजना को लेकर अहम निर्णय लिए गए। इसके तहत जिले के 10 गांवों को चयनित किया गया है, जहां सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 6 महीने की विशेष प्रतियोगिता कराई जाएगी।
10 गांवों के बीच 6 महीने की प्रतियोगिता
बैठक में तय किया गया कि चयनित 10 गांवों के बीच सोलर ऊर्जा इंस्टॉलेशन को लेकर प्रतियोगिता होगी।
जो गांव 6 महीने की अवधि में सबसे अधिक सोलर इंस्टॉलेशन करेगा, उसे “मॉडल सोलर विलेज” घोषित किया जाएगा।
✔ विजेता गांव को ₹1 करोड़ की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी,
जिसका उपयोग सोलर आधारित विकास को और मजबूत करने में किया जाएगा।
हर घर तक पहुंचेगी सोलर ऊर्जा
उपायुक्त ने कहा कि योजना का लक्ष्य सिर्फ बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।
योजना के तहत इन सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा—
- सोलर पंप
- सोलर स्ट्रीट लाइट
- सोलर हाई-मास्ट लाइट
- रूफटॉप सोलर सिस्टम
लक्ष्य है कि चयनित गांव 24 घंटे बिजली से रोशन हों और ग्रामीण नवीकरणीय ऊर्जा के प्रयोग के लिए प्रेरित हों।
पर्यावरण संरक्षण पर भी खास ध्यान
डीसी मनीष कुमार ने कहा कि यह योजना पर्यावरण सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
सोलर ऊर्जा के उपयोग से —
- प्रदूषण घटेगा
- गांवों में स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण बनेगा
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने और तय समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिला के लिए प्राथमिकता है और इसे गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए।
गांवों के लिए बड़ा अवसर
यह योजना ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण मौका मानी जा रही है।
एक तरफ गांवों को बेहतर बिजली सुविधा मिलेगी, वहीं ₹1 करोड़ की राशि से उनका समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा।