लातेहार:
आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत तथा चल रहे 90 दिवसीय ’मध्यस्थता देश के लिए 2.0’ अभियान की सफलता सुनिश्चित करने को लेकर व्यवहार न्यायालय लातेहार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार लातेहार शेष नाथ सिंह ने की।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों का जायजा लेते हुए उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विशेष रूप से सुलहनीय आपराधिक मामले, दीवानी वाद, बैंक ऋण, बिजली बिल तथा वैवाहिक विवादों जैसे मामलों को चिन्हित कर अधिक से अधिक नोटिस तामिला कराने पर जोर दिया गया।
’मध्यस्थता देश के लिए 2.0’ अभियान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यस्थता आपसी विवादों को सुलझाने का एक प्रभावी माध्यम है। न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पक्षकारों को मध्यस्थता के लाभों के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बने और न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम हो।
बैठक में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय सैयद सलीम फातमी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार दुबे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सुनील दत्त द्विवेदी, सीजेएम विक्रम आनंद, सीनियर सिविल जज-सह-न्यायिक दण्डाधिकारी मीनाक्षी मिश्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शिवम चौरसिया, अनुमण्डलीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रणव कुमार तथा न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी-सह-प्रभारी न्यायाधीश उत्कर्ष जैन सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।