लातेहार। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी की उपस्थिति में 100 डेज टीबी अभियान को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शुक्रवार को सदर अस्पताल के सभागार में आयोजित हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान WHO कंसल्टेंट डॉ. अर्जुन कृष्णा ने निक्षय (Ni-kshay) पोर्टल पर ऑनलाइन डेटा एंट्री तथा 100 डेज टीबी अभियान की रणनीतियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। डॉ. कृष्णा ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है और इसका समय पर पहचान व उपचार अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सीएचओ (CHO) अपने-अपने क्षेत्रों में 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोगों, मधुमेह रोगियों तथा पूर्व में टीबी से पीड़ित रहे व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करें। इन संभावित रोगियों की समय पर स्क्रीनिंग एवं उपचार से टीबी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
प्रशिक्षण के दौरान टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया एवं उपचार विधियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के समापन पर सीएचओ एवं एसटीएस को अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने, सक्रिय निगरानी करने तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस पहल से टीबी रोगियों की पहचान एवं समय पर इलाज सुनिश्चित होगा, जिससे टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीडीएम, डीपीसी, एसटीएलएस, एसटीएस, सीएचओ सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।