सतबरवा से दिनेश यादव की रिपोर्ट
सतबरवा/पलामू:- पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत मलय डैम मुरमा का मेन गेट (फाटक) पिछले कई दिनों से खुला पड़ा था, जिससे नहर में जलस्तर असामान्य रूप से बढ़ गया था। बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए पहले ही आशंका जताई जा रही थी कि यह स्थिति किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
आखिरकार वही हुआ, मुरमा गांव में 18 नंबर चैन गेट के पास नहर टूट गई, जिससे तेज बहाव में पानी बाहर निकल आया और कई किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गई। बताया गया कि 2025 तक मेन फाटक को बंद करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन विभाग इसे नियंत्रित करने में असफल रहा। ग्रामीणों की सूचना पर विभागीय टीम मौके पर तो पहुंची, लेकिन पानी के तेज बहाव पर काबू नहीं पाया जा सका। मजबूरन किसान अपनी फसल बर्बाद होते देखते रहे और उनकी गुहार भगवान भरोसे रह गई।
इसी बीच 1 जनवरी 2026 को एक अनोखी घटना सामने आई। स्थानीय ग्रामीण जब कुएं के पास गए तो पानी में डूबा हुआ एक शिवलिंग दिखाई दिया। इसके बाद समाजसेवी श्यामलाल सिंह ने शिवलिंग को बाहर निकलवाया और भगवान शिव से मन्नत मांगी कि यदि यह शिवलिंग वास्तविक है और बाबा शंकर की कृपा है, तो वर्षों से न बंद हो रहा फाटक आज बंद हो जाए। मन्नत मांगने के बाद जैसे ही फाटक बंद करने का प्रयास किया गया, वह तुरंत बंद हो गया, जबकि इससे पहले कई कोशिशों के बावजूद फाटक नहीं बंद हो पा रहा था।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। शिवलिंग को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था की गई। समाजसेवी श्यामलाल सिंह ने बताया कि फिलहाल शिवलिंग को कैलाशपुरी में स्थापित किया गया है और महाशिवरात्रि के अवसर पर विधि-विधान से इसे कैलाश पर्वत पर स्थापित किया जाएगा।
मौके पर श्यामलाल सिंह, सोनू कुमार सिंह, शिव सिंह, नागेंद्र सिंह, सुशीला देवी (सहिया), प्रमिला देवी, सीता देवी, रूबी देवी, अखिलेश सिंह, नंदलाल सिंह, जितेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, बबलू सिंह, अरुण सिंह, संदीप सिंह, गोविंद सिंह, कालू देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।