कोटालपोखर संवाददाता। साहिबगंज जिले के बरहरवा अंचल में जमीन से जुड़े करीब 200 अपील म्यूटेशन के मामले पिछले तीन महीने से लंबित हैं। ऑनलाइन व्यवस्था में तकनीकी खामी के कारण लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री और उससे जुड़े जरूरी दस्तावेजी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामला सामने आने के बाद पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक निसात आलम ने रांची में झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के कैबिनेट मंत्री दीपक बिरुआ से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया और तत्काल समाधान की मांग की।
ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी खामी
जानकारी के अनुसार, बरहरवा अंचल में अपील म्यूटेशन के बाद जारी होने वाले शुद्धि पत्र में क्रेता और विक्रेता का विकल्प ऑनलाइन लॉगिन सिस्टम में दिखाई नहीं दे रहा है। इसी तकनीकी समस्या के कारण अपील म्यूटेशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
बताया गया कि विधायक ने मामले की जानकारी मिलने के बाद अंचलाधिकारी और संबंधित कर्मचारियों से बातचीत की। इस दौरान ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी समस्या की जानकारी सामने आई। नियमित म्यूटेशन का कार्य जारी है, लेकिन अपील म्यूटेशन से जुड़े मामलों का निष्पादन प्रभावित है।
तीन महीने से अटका है मामलों का निष्पादन
तकनीकी खामी के कारण पिछले करीब तीन महीने से करीब 200 अपील म्यूटेशन के मामले लंबित पड़े हैं। इससे जमीन से जुड़े दस्तावेजी कार्यों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लोगों को परेशानी हो रही है। लंबे समय से मामले लंबित रहने के कारण जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने मंत्री से की तत्काल कार्रवाई की मांग
विधायक निसात आलम ने मंत्री दीपक बिरुआ से तकनीकी समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था में आई तकनीकी खामी के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है। इसलिए समस्या का तत्काल समाधान कर लंबित मामलों का निष्पादन कराया जाना जरूरी है।
सचिव को दिए तत्काल समाधान के निर्देश
विधायक के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने संबंधित विभाग के सचिव को तत्काल कार्रवाई कर तकनीकी समस्या दूर करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने ऑनलाइन सिस्टम में आ रही खामी को जल्द ठीक कराने और लंबित अपील म्यूटेशन मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया तेज करने को कहा है।