बरहरवा संवाददाता।: प्रखंड क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी और निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक दर पर बिक्री को लेकर नवझारखंड जनएकता संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के अध्यक्ष फरोग अहसान सहित 6 सदस्यीय शिष्टमंडल ने सोमवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषी खाद विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं द्वारा किसानों से निर्धारित सरकारी दर से कहीं अधिक कीमत वसूली जा रही है। संगठन का आरोप है कि डीएपी खाद, जिसकी सरकारी कीमत लगभग 1,350 रुपया प्रति बोरी है, उसे 2,200 से 2,500 रुपया प्रति बोरी तक बेचा जा रहा है। वहीं यूरिया, जिसकी सरकारी कीमत 266 रुपया प्रति बोरी है, किसानों को 400 से 450 रुपया प्रति बोरी में उपलब्ध कराया जा रहा है।
संगठन का कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे समय में मनमाने दाम वसूलना किसानों का आर्थिक शोषण है और आवश्यक वस्तुओं से संबंधित नियमों का भी उल्लंघन है।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रशासन से बरहरवा प्रखंड के सभी उर्वरक दुकानों की तत्काल जांच कराने, निर्धारित सरकारी मूल्य पर खाद की बिक्री सुनिश्चित करने तथा अधिक कीमत वसूलने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कृषि पदाधिकारी, साहेबगंज, उपायुक्त, साहेबगंज, उप निदेशक, कृषि, संताल परगना प्रमंडल, दुमका तथा निदेशक, कृषि विभाग, झारखंड सरकार, रांची को भी भेजी गई है।
मौके पर संगठन के फाउंडर मेंबर अंसार अली उर्फ मिंटू, कोषाध्यक्ष सरफराज अहमद, संगठन प्रभारी अब्दुल मालिक, उपाध्यक्ष तबरेज अंसारी, सह सचिव आमिर हमज़ा उपस्थित थे।