कोटालपोखर संवाददाता। सावन माह की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से राजकीय श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ होगा। जिला प्रशासन और शिवगादी प्रबंध समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। हर वर्ष झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से हजारों श्रद्धालु बाबा गाजेश्वरनाथ धाम पहुंचकर पीतांबरी शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं।
इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलार्पण को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कांवरिया पथ को सुगम बनाने के लिए मार्गों का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, स्नानघर और धर्मशालाओं में विश्राम की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग विश्राम स्थल बनाए गए हैं।
श्रद्धालु राजमहल और फरक्का गंगा घाट से जल भरकर क्रमशः लगभग 45 से 50 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा गाजेश्वरनाथ धाम पहुंचते हैं। राजमहल मार्ग में पहाड़ी, जंगल और पथरीले रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे यात्रा चुनौतीपूर्ण हो जाती है। वहीं फरक्का मार्ग से बड़ी संख्या में कांवरिये पैदल और अन्य श्रद्धालु वाहन से मंदिर पहुंचते हैं।
मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के बाईं ओर स्थित नंदी बाबा के खुर चिन्ह तक जाने वाली सीढ़ियां जर्जर हो चुकी हैं। कई जगह प्लास्टर उखड़ गया है और काई जमने से फिसलन का खतरा बना रहता है। श्रद्धालुओं ने सीढ़ियों के चौड़ीकरण, मरम्मत और सौंदर्यीकरण की मांग की है।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में की जाएगी। इसके अलावा सब-इंस्पेक्टर, अतिरिक्त पुलिस बल, एटीएस और झारखंड जगुआर की तैनाती होगी। करीब 500 जवान और कई अधिकारी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को देखते हुए इस बार गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाने की योजना बनाई गई है। इससे अनावश्यक भीड़ और वीडियो रिकॉर्डिंग पर नियंत्रण रहेगा।
झामुमो के केंद्रीय सचिव एवं प्रवक्ता पंकज मिश्रा की पहल पर पर्यटन विभाग द्वारा बरहेट से शिवगादी तक 500 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। शिवगादी में दो हाईमास्ट लाइट भी स्थापित की गई हैं। साथ ही राजमहल पहाड़ियों में रोपवे निर्माण की योजना का डीपीआर भी भेजा गया है।
मेले की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में करीब 15 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की गई है, जिसमें पार्किंग स्थल, स्वयंसेवकों और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
इस वर्ष पहली बार मेले में खोया-पाया केंद्र का संचालन किया जाएगा, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। यहां कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की तैनाती रहेगी, ताकि बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया जा सके।
मंदिर परिसर के बाहर बना “आई लव माई शिवगादी” सेल्फी प्वाइंट भी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालु यहां फोटो लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
सावन के सोमवारी की तिथियां:
पहला सोमवार – 3 अगस्त
दूसरा सोमवार – 10 अगस्त
तीसरा सोमवार – 17 अगस्त
चौथा सोमवार – 24 अगस्त