पाकुड़, संवाददाता:
जिले के अधिसूचित पर्यटन स्थलों को राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में जिला उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने भौरी कोचा मंदिर एवं दुर्गापुर डैम का विस्तृत निरीक्षण कर पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था एवं पर्यटकों के लिए आवश्यक संसाधनों का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को समन्वित कार्ययोजना बनाकर शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाकुड़ प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध जिला है और योजनाबद्ध विकास से जिले की पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी।
भौरी कोचा मंदिर को मिलेगा नया स्वरूप
भौरी कोचा मंदिर परिसर के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने हेतु पुल निर्माण कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा नियमित साफ-सफाई, यात्री शेड के आसपास स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा मंदिर परिसर को आकर्षक बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के लिए छोटे-छोटे स्टॉल विकसित करने, बच्चों के लिए पार्क बनाने एवं पर्यटकों के बैठने हेतु पर्याप्त बेंच लगाने के निर्देश भी दिए।
दुर्गापुर डैम बनेगा पर्यटन का नया आकर्षण
दुर्गापुर डैम के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इसे प्रमुख पर्यटन एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर बल दिया। उन्होंने पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार की नौका सुविधा विकसित करने, सुरक्षा के लिए गार्डरेल लगाने, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा जलाशय की क्षमता बनाए रखने हेतु गाद निकासी (ड्रेजिंग) कराने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही डैम के दूसरी ओर छोटे कॉटेज विकसित करने, आधुनिक शौचालय निर्माण एवं आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाने के भी निर्देश दिए गए।
स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। इससे युवाओं, महिलाओं एवं छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
समयबद्ध कार्ययोजना पर जोर
निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किए जाएं, ताकि पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित एवं यादगार अनुभव मिल सके।
इस मौके पर जिला क्रीड़ा पदाधिकारी सह जिला पर्यटन पदाधिकारी राहुल कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी, जिला पर्यटन विशेषज्ञ दीपन लाहिड़ी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।