पाकुड़ संवाददाता: लगभग दो वर्षों बाद जेल से रिहा होकर पहली बार पाकुड़ पहुंचे पूर्व मंत्री Alamgir Alam का कार्यकर्ताओं और आमजनता ने जोरदार एवं भव्य स्वागत किया। शहर के विभिन्न स्थानों पर फूल-मालाओं, नारों और जुलूस के साथ समर्थकों ने अपने नेता के प्रति अटूट विश्वास और प्रेम का प्रदर्शन किया।
स्वागत समारोह के दौरान आलमगीर आलम भावुक नजर आए। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पाकुड़ की जनता और हजारों कार्यकर्ताओं ने उनका साथ नहीं छोड़ा।
उन्होंने कहा, “मैं जेल में जरूर था, लेकिन मेरा दिल और दिमाग हर पल पाकुड़ विधानसभा में ही था। यहां की जनता, कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की चिंता हर समय मेरे साथ रही।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी गैर-मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने सिर्फ पार्टी का झंडा नहीं उठाया, बल्कि हर कार्यकर्ता खुद आलमगीर आलम बनकर मैदान में डटा रहा। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “हजारों कार्यकर्ताओं ने मेरी गैर-मौजूदगी में आलमगीर आलम बनकर निशात आलम को रिकॉर्ड मतों से जिताने का काम किया। यह जीत सिर्फ एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत की जीत है।”
सभा में मौजूद समर्थकों ने “आलमगीर आलम जिंदाबाद” और “जनता का नेता कैसा हो” जैसे नारों से पूरे माहौल को गूंजायमान कर दिया। कई कार्यकर्ताओं की आंखें भी नम दिखाई दीं।
कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश महासचिव Uday Lakhmani, जिला अध्यक्ष Kumar Sarkar सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आलमगीर आलम के प्रति जनता का भरोसा कमजोर नहीं पड़ा है। यही कारण है कि आज भी क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता पहले की तरह कायम है।
कार्यक्रम का संचालन शाहीन प्रवेज ने किया। मौके पर निरंजन मिश्रा, नलिन मिश्रा, बेलाल शेख, ज़ैकी सादिक, सेमीनुल इस्लाम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।