पलामू:- पलामू प्रमंडलीय आयुक्त श्रीमती कुमुद सहाय की अध्यक्षता में भीषण गर्मी एवं बढ़ते तापमान के मद्देनज़र रखते हुए आमजन को राहत पहुंचाने हेतु पियाऊ एवं पेयजल की व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गढ़वा उपायुक्त श्री पशुपति नाथ मिश्रा एवं लातेहार उपायुक्त श्री संदीप कुमार उपस्थित रहे तथा संबंधित विभागों के अधिकारी गण उपस्थित थे।
आयुक्त ने वर्तमान समय में पड़ रही अत्यधिक गर्मी को देखते हुए कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आदेश दिया कि निम्नलिखित सुविधाएँ जल्द से जल्द ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को मुहैया कराया जाए, जैसे –
- प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड, बाजार क्षेत्रों, अस्पतालों एवं सार्वजनिक स्थलों के समीप तत्काल प्रभाव से घड़ा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
- ख़राब पड़े चापाकल को जल्द से ठीक कराया जाए, जिससे ग्रामीणों को पियाऊ जल की पूर्ति के लिए दूर न जाना पड़े।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जल सहिया के द्वारा सभी आमजनों को जागरूक करना कि पेयजल का दुरूपयोग न किया जाए।
- पहाड़ों से बहते जल स्रोतों के संरक्षण पर बल दिया।
- जलमीनार की संख्या में बढ़ोतरी की जाए तथा अकार्यात्मक जलमीनारो को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए।
- हर घर जल योजना को शत प्रतिशत करने का आदेश दिए।
- टैंकरो की संख्या में बढ़ोतरी करने का निर्देश जिससे हर घर पियाऊ जल की पूर्ति हो सके। बढ़ती गर्मी को देखकर अलर्ट: बगैर काम घर से बाहर न निकले।
गर्मी की लहर (हिट वेव) को देखते हुए पलामू प्रमंडलीय आयुक्त एवं तीनों जिलों के उपायुक्त (पलामू,लातेहार,गढ़वा) ने जिलों के नागरिको से आग्रह किया है कि अपने आप को हाइड्रेटेड (जलयोजित) रखने के लिए आम पन्ना, सत्तु पानी, नींबू पानी का सेवन करें। साथ ही घर से बाहर निकलते समय गमछा, तौलिया या कपड़े से अच्छी तरह ढककर निकले, जिससे लू एवं ताप की लहर से बचाव हो सके।
आयुक्त ने जन साधारण से अपील करते हुए कहा है कि पेयजल का अनावश्यक दुरुपयोग एवं बर्बादी न करें। प्रत्येक व्यक्ति पानी का उपयोग जरूरत के अनुसार ही करे, ताकि सभी लोगों तक पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो सके। इस बीच बारिश होती है तो वाटर हार्वेस्टिंग से जल का संचय अवश्य करें। घरों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर वर्षा जल संरक्षण की व्यवस्था विकसित कर भविष्य के लिए जल संरक्षण कर सकते है ।
भूमिगत जल स्तर (अंडर वाटर )को सुरक्षित रखने एवं वर्षा जल के संरक्षण के लिए सोक पिट का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। अपने घरों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सोख्ता पिट निर्माण कराने की अपील आयुक्त ने की है, ताकि वर्षा का पानी जमीन के अंदर जाकर भू-जल स्तर को बढ़ाने में सहायक हो सके।
बैठक में गढ़वा उपायुक्त एवं लातेहार उपायुक्त ने अपने-अपने जिलों में चल रही पेयजल व्यवस्थाओं एवं पियाऊ जल संचालन की जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित निष्पादन हेतु नियंत्रण कक्ष एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। जिससे शिकायतों का निराकरण हो सके।
आयुक्त श्रीमती कुमुद सहाय ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल व्यवस्था करना नहीं, बल्कि आमजन को राहत और सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने एवं सभी शिकायतों का निष्पादन एक से दो दिन में करने का सख्त निर्देश दिया।