जामा (दुमका) | संवाददाता
जामा प्रखंड अंतर्गत फूलोपानी गांव, बारा पंचायत में वंधन विकास केंद्र द्वारा आयोजित 5 दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का 25 मई 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण 21 मई से 25 मई तक “बम्बू क्राफ्ट” विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें कुल 50 ग्रामीण महिलाओं (दीदियों) ने भाग लिया।
बांस आधारित कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को बांस आधारित उत्पाद निर्माण की तकनीक सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बम्बू क्राफ्ट से जुड़े विभिन्न उत्पादों जैसे टोकरी, सजावटी वस्तुएं और दैनिक उपयोग की सामग्री बनाने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इससे महिलाओं को घरेलू स्तर पर ही आय के स्रोत विकसित करने की दिशा में मार्गदर्शन मिला।
तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर
प्रशिक्षण में महिलाओं को बांस की कटाई, डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग और फिनिशिंग से संबंधित तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि तैयार उत्पादों को स्थानीय बाजार और मेलों में बेचकर आय कैसे बढ़ाई जा सकती है। यह पहल केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रतिभागियों को उद्यमिता के लिए भी प्रेरित किया गया।
जेएसएलपीएस अधिकारियों की उपस्थिति
समापन समारोह में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की BPM मिनती सिंह एवं CC कल्पना विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील
अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि बांस आधारित उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है और यदि महिलाएं इस दिशा में कार्य करें, तो वे आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।
महिलाओं में दिखा उत्साह और आत्मविश्वास
प्रशिक्षण में शामिल सभी महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताया।
प्रतिभागियों का कहना था कि इस प्रशिक्षण से उन्हें न केवल नया कौशल सीखने का अवसर मिला, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब वे भविष्य में स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित महसूस कर रही हैं।
प्रतिभागियों को दी गई शुभकामनाएं
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर शुभकामनाएं दी गईं। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं आगे चलकर अपने क्षेत्र में एक मिसाल बनेंगी और अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेंगी।
फूलोपानी गांव में आयोजित यह 5 दिवसीय बम्बू क्राफ्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए एक सकारात्मक पहल साबित हुआ है। ऐसे कार्यक्रम न केवल कौशल विकास को बढ़ावा देते हैं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर समाज के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
जामा प्रखंड अंतर्गत फूलोपानी गाँव, बारा पंचायत में वंधन विकास केंद्र द्वारा आयोजित 5 दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दिनांक 25 मई 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 मई 2026 से 25 मई 2026 तक “बम्बू क्रॉपट” विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें कुल 50 दीदियों ने भाग लिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को बांस आधारित उत्पाद निर्माण, कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बम्बू क्रॉपट निर्माण से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई, जिससे वे भविष्य में स्वयं का रोजगार प्रारंभ कर सकें।
समापन समारोह में जेएसएलपीएस की BPM मैडम मिनती सिंह एवं CC कल्पना उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।