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अभियंताओं एवं संवेदकों के पास सिर्फ दो ही विकल्प हैं- या तो ससमय कार्य पूर्ण करें या कार्रवाई के लिये तैयार रहें, तीसरा कोई विकल्प नहीं”:डीसी

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अभियंताओं एवं संवेदकों के पास सिर्फ दो ही विकल्प हैं- या तो ससमय कार्य पूर्ण करें या कार्रवाई के लिये तैयार रहें, तीसरा कोई विकल्प नहीं”:डीसी

पलामू:- पलामू जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को एनआईसी सभागार से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी बीडीओ, सीओ, विभाग के कनीय एवं सहायक अभियंता समेत मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) के तहत कार्य करा रहे संवेदक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से…

अभियंताओं एवं संवेदकों के पास सिर्फ दो ही विकल्प हैं- या तो ससमय कार्य पूर्ण करें या कार्रवाई के लिये तैयार रहें, तीसरा कोई विकल्प नहीं”:डीसी
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अभियंताओं एवं संवेदकों के पास सिर्फ दो ही विकल्प हैं- या तो ससमय कार्य पूर्ण करें या कार्रवाई के लिये तैयार रहें, तीसरा कोई विकल्प नहीं”:डीसी

पलामू:- पलामू जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को एनआईसी सभागार से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में सभी बीडीओ, सीओ, विभाग के कनीय एवं सहायक अभियंता समेत मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) के तहत कार्य करा रहे संवेदक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार और जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या धीमी प्रगति स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अभियंताओं एवं संवेदकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करें, अन्यथा कार्रवाई के लिये तैयार रहें।बैठक में एमवीएस योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कई योजनाओं में धीमी गति पर नाराजगी जताई। निमिया योजना से जुड़े संवेदक के बैठक में अनुपस्थित रहने पर शोकॉज करने का निर्देश दिया गया।

जल गुणवत्ता जांच की समीक्षा के दौरान जिन प्रखंडों में वाटर क्वालिटी टेस्टिंग 10 प्रतिशत से कम पाया गया, वहां के संबंधित कनीय अभियंताओं को भी शोकॉज करने का निर्देश दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मदगंज, मनातू, पांकी, पिपरा सहित कई प्रखंडों में जल स्रोतों की रासायनिक जांच की प्रगति काफी कम पायी गयी।समीक्षा में पाया गया कि मेदिनीनगर प्रमंडल में कुल ग्रामीण परिवारों में अब तक 53 प्रतिशत घरों तक फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन पहुंच चुका है।वहीं “हर घर जल” प्रमाणन के तहत मेदिनीनगर प्रमंडल में 528 गांवों को रिपोर्ट किया गया है, जिनमें से 254 गांव प्रमाणित हो चुके हैं।

उपायुक्त श्री शेखावत ने विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की। छतरपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना में 98 प्रतिशत भौतिक प्रगति एवं 8110 घरों तक कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई।वहीं कौड़िया योजना में 3709 एफएचटीसी उपलब्ध कराये जा चुके हैं।

इसके अलावा चैनपुर, सोनपुरवा, पांशा-रामबांध, पोलपोल, लोइंगा एवं छतरपुर-नौडीहा बाजार-हरिहरगंज-पिपरा मल्टी विलेज योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कार्य में तेजी लाने, लंबित एनओसी मामलों का शीघ्र निष्पादन कराने तथा पाइपलाइन बिछाने एवं विद्युत कनेक्शन से जुड़े मामलों में समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।

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