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हर घर नल से जल: लातेहार में संवाद कार्यक्रम, प्रधान सचिव...

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हर घर नल से जल: लातेहार में संवाद कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने कहा– पानी तभी जीवनदायी है जब शुद्ध और सुरक्षित हो

लातेहार।जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन को लेकर गुरुवार को लातेहार जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा एक भव्य संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार के प्रधान सचिव मस्त राम मीणा ने की। कार्यक्रम में विशेष रूप से जल…

हर घर नल से जल: लातेहार में संवाद कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने कहा– पानी तभी जीवनदायी है जब शुद्ध और सुरक्षित हो
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हर घर नल से जल: लातेहार में संवाद कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने कहा– पानी तभी जीवनदायी है जब शुद्ध और सुरक्षित हो

लातेहार।
जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन को लेकर गुरुवार को लातेहार जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा एक भव्य संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार के प्रधान सचिव मस्त राम मीणा ने की। कार्यक्रम में विशेष रूप से जल जीवन मिशन के अभियान निदेशक रमेश घोलप शामिल हुए।

इस अवसर पर लातेहार के उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता और उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद ने अतिथियों का स्वागत किया। दीप प्रज्वलन कर संवाद कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, जलसहिया, पंचायत सचिव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

“पानी तभी जीवनदायी है जब शुद्ध और सुरक्षित हो” – प्रधान सचिव

हर घर नल से जल: लातेहार में संवाद कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने कहा– पानी तभी जीवनदायी है जब शुद्ध और सुरक्षित हो

प्रधान सचिव मस्त राम मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि पानी जीवन का आधार है। लेकिन पानी तभी जीवनदायी है जब वह शुद्ध और सुरक्षित हो। इसी उद्देश्य से भारत सरकार ने जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की है। इसका मकसद है – हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुँचना और हर गांव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाना।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक प्राकृतिक संसाधन संपन्न राज्य है, जहां पर्याप्त जल संसाधन हैं। लेकिन इन संसाधनों के सही प्रबंधन और रखरखाव की आवश्यकता है। जल जीवन मिशन का मुख्य लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो।

प्रधान सचिव ने राज्य सरकार की बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजना संचालन एवं रखरखाव नीति 2025 पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। योजना तभी सफल होगी जब गांव के मुखिया, पंचायत सचिव और जलसहिया मिलकर जिम्मेदारी निभाएँ।

उन्होंने साफ कहा कि जो मुखिया और जलसहिया इस मिशन के सफल क्रियान्वयन में अच्छा काम करेंगे, उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।


हर घर नल से जल: लातेहार में संवाद कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने कहा– पानी तभी जीवनदायी है जब शुद्ध और सुरक्षित हो

अभियान निदेशक ने लातेहार को सराहा, तीसरे स्थान पर बताया

कार्यक्रम में जल जीवन मिशन के अभियान निदेशक रमेश घोलप ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में लातेहार जिला ने हर घर नल से जल उपलब्ध कराने में तीसरा स्थान हासिल किया है, जो सराहनीय उपलब्धि है।

उन्होंने संवाद कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंच केवल योजना की प्रगति की समीक्षा का नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं और अनुभवों को साझा करने का अवसर भी है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और जलसहियाओं को प्रेरित करने के लिए कई उदाहरण दिए और रचनात्मक तरीके से काम करने पर जोर दिया।

रमेश घोलप ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान जो भी समस्याएँ और सुझाव सामने आएंगे, उन पर विभाग त्वरित कार्रवाई करेगा। उन्होंने सभी से अपील की कि जल का महत्व समझें और सोच-समझकर उपयोग करें।

हर घर नल से जल: लातेहार में संवाद कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने कहा– पानी तभी जीवनदायी है जब शुद्ध और सुरक्षित हो

लातेहार में योजनाओं की स्थिति – उपायुक्त का प्रस्तुतीकरण

लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने जिले में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि –

  • लातेहार जिले के 10 प्रखंडों के 752 ग्राम में से 121 ग्राम बहु-ग्रामीण जलापूर्ति योजना से आच्छादित हैं।
  • बाकी ग्रामों में एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना से स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • जिले में कुल निर्धारित 1,86,116 गृह जल संयोजन के विरुद्ध अब तक 1,36,114 घरों में कनेक्शन दिया जा चुका है।
  • अब तक जिले के 295 गांवों को “हर घर जल” घोषित किया जा चुका है।
  • योजनाओं के पूर्ण होने के बाद पांच वर्षों तक मरम्मत एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संवेदक (contractor) की होगी। इसके बाद योजनाओं का संचालन पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सौंपा जाएगा।
  • अब तक जिले में 4143 योजनाएँ ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को हस्तांतरित की जा चुकी हैं

उपायुक्त ने आगे बताया कि लातेहार जिला पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित हो चुका है। स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक जिले में 310 गांव ओडीएफ प्लस मॉडल के रूप में चिन्हित किए जा चुके हैं।

जिले में अब तक 1,47,072 शौचालयों का निर्माण किया गया है। साथ ही नाडेफ, वर्मी कम्पोस्ट और सोख्ता गड्ढा जैसे ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य पंचायत स्तर पर तेजी से हो रहे हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों और जलसहियाओं की भागीदारी

संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पंचायतों के मुखिया और जलसहियाओं ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित कर नल जल कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया और किस प्रकार सामुदायिक भागीदारी से योजनाओं का संचालन हो रहा है।

प्रधान सचिव ने इन अनुभवों को काफी उपयोगी बताया और कहा कि वास्तविक जमीनी अनुभव ही योजनाओं की सफलता की कुंजी है।

स्वच्छता और जल संरक्षण पर जोर

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने न केवल जल आपूर्ति योजनाओं पर बात की, बल्कि जल संरक्षण और स्वच्छता पर भी जोर दिया। प्रधान सचिव और अभियान निदेशक दोनों ने ही कहा कि जल जीवन मिशन तभी सफल होगा जब ग्रामीण समाज जल संरक्षण के महत्व को समझे।

उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन, तालाबों का संरक्षण और भू-जल स्तर बनाए रखना आने वाले समय के लिए बेहद जरूरी है।

हर घर नल से जल: लातेहार में संवाद कार्यक्रम, प्रधान सचिव ने कहा– पानी तभी जीवनदायी है जब शुद्ध और सुरक्षित हो

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक मनोहर मरांडी, मुख्य अभियंता पीएमयू अनिल प्रसाद, मुख्य अभियंता सीडीओ प्रभात कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता राजमोहन सिंह, जिला पंचायतीराज पदाधिकारी श्रेयांश, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन, कार्यपालक अभियंता दीपक कुमार महतो, सहायक अभियंता प्रशांत पांडे, राजेश कुजूर और अरुण मेहता समेत सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, जल जांच कर्मी और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने प्रधान सचिव और अभियान निदेशक को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

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