गोमिया:-शुक्रवार को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए।
बैठक में विभाग के कार्यों, राजस्व प्राप्ति, प्रवर्तन व्यवस्था, प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण एवं भावी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री के निर्देश
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्पाद सिपाही की नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) सहित अन्य सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाकर उसे समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विभाग की कार्यक्षमता और अधिक सुदृढ़ हो सके।
मुख्यमंत्री ने झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के कार्यक्षेत्र का विस्तार करने, आधुनिक तकनीकों से राजस्व वृद्धि के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने, विभाग से संबंधित आवश्यक नीतियों का शीघ्र निर्माण एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और अवैध शराब निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए।
मंत्री ने जताई प्रतिबद्धता
बैठक के दौरान मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभाग राज्यहित एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, राजस्व संग्रह को सुदृढ़ बनाना, रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगा।
मंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को और अधिक सक्षम, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा।