लातेहार: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम दिनेश कुमार मिश्रा की अदालत ने बहुचर्चित डोडा तस्करी मामले में आरोपी राधेश्याम बिश्नोई को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पदाधिकारी शिव शंकर राम ने बताया कि 8 अप्रैल 2023 को गुप्त सूचना के आधार पर चंदवा थाना पुलिस ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी की उपस्थिति में एक 12 चक्का ट्रक का पीछा कर उसे चंदवा प्रखंड कार्यालय के समीप रोका था। पुलिस को देखकर ट्रक चालक राधेश्याम बिश्नोई वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान ट्रक से करीब साढ़े चार टन अवैध डोडा (पोस्ता भूसी) बरामद किया गया था। आरोपी राजस्थान का निवासी है, जिसे 9 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 14 गवाहों को प्रस्तुत किया। इसके अलावा एफएसएल रिपोर्ट समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों को भी न्यायालय के समक्ष प्रमाणित किया गया।
सभी साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 15(सी) के तहत दोषी पाया और उसे 20 वर्ष की सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इस फैसले को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई माना जा रहा है। बड़ी मात्रा में डोडा बरामदगी के इस मामले में आए कठोर निर्णय के बाद तस्करी से जुड़े तत्वों में हड़कंप मच गया है।