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किसी भी किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में पति–पत्नी को साथ आना चाहिए : साध्वी लक्ष्मी रामायणीअनुष्ठान में पति–पत्नी को साथ आना चाहिए : साध्वी लक्ष्मी रामायणी

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किसी भी किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में पति–पत्नी को साथ आना चाहिए : साध्वी लक्ष्मी रामायणीअनुष्ठान में पति–पत्नी को साथ आना चाहिए : साध्वी लक्ष्मी रामायणी

गोमिया संवाददाता गोमिया। गोमिया प्रखंड के स्वांग महावीर स्थान स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 1008 पांच दिवसीय रुद्र महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 3 अप्रैल से शुरू हुआ यह महायज्ञ 7 अप्रैल तक चलेगा। सोमवार को चौथे दिन यज्ञ मंडप में पूजा-अर्चना, परिक्रमा और कथा श्रवण के लिए…

किसी भी किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में पति–पत्नी को साथ आना चाहिए : साध्वी लक्ष्मी रामायणीअनुष्ठान में पति–पत्नी को साथ आना चाहिए : साध्वी लक्ष्मी रामायणी
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किसी भी किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में पति–पत्नी को साथ आना चाहिए : साध्वी लक्ष्मी रामायणीअनुष्ठान में पति–पत्नी को साथ आना चाहिए : साध्वी लक्ष्मी रामायणी

गोमिया संवाददाता

गोमिया। गोमिया प्रखंड के स्वांग महावीर स्थान स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 1008 पांच दिवसीय रुद्र महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 3 अप्रैल से शुरू हुआ यह महायज्ञ 7 अप्रैल तक चलेगा। सोमवार को चौथे दिन यज्ञ मंडप में पूजा-अर्चना, परिक्रमा और कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।

कथा वाचन के दौरान वृंदावन से पधारी परम पूज्य साध्वी लक्ष्मी रामायणी ने अपने प्रवचन में कहा कि रामकथा सुनकर यदि व्यक्ति उसे जीवन में उतार ले, तो उसका जीवन सफल और सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में पति–पत्नी का साथ बैठना अनुष्ठान को पूर्णता प्रदान करता है।

साध्वी ने कहा कि समाज में अक्सर महिलाओं को उनके पति के पेशे या कार्य से संबोधित किया जाता है, जैसे – मास्टर की पत्नी ‘मास्टरनी’ और डॉक्टर की पत्नी ‘डॉक्टरनी’। उन्होंने कहा कि धन, बल और आयु से बढ़कर ज्ञान होता है, और वही पूजनीय है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन घर में हनुमान चालीसा और भगवद्गीता का पाठ करने की अपील की। इससे घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और अच्छे लोगों की संगति से उत्तम संस्कार प्राप्त होते हैं।

कथा के दौरान सुंदर झांकी प्रस्तुति भी दी गई, जिसे लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में आचार्य पंडित गोवर्धन शास्त्री, यज्ञ आचार्य संजय पांडेय, आदित्य पांडेय, पंकज पांडेय, राहुल पांडेय, आजसू नेता राजेश कुमार विश्वकर्मा, मुखिया बिनोद विश्वकर्मा, पंसस धनेश्वरी देवी, पूर्व पंसस ललन केवट, बिट्टू कुमार रवानी, नरेंद्र निषाद, अमृत लाल, संजय सिंह, निर्मल निषाद सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

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