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सदर प्रखंड स्थित जोड़ में 'आत्मा' पलामू के तत्वावधान में मशरूम की खेती पर एक दिवसीय 'कृषक पाठशाला'का आयोजन

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सदर प्रखंड स्थित जोड़ में ‘आत्मा’ पलामू के तत्वावधान में मशरूम की खेती पर एक दिवसीय ‘कृषक पाठशाला’का आयोजन

राहुल मिश्रा जिला ब्यूरो चीफ पलामू मेदिनीनगर/पलामू:- पलामू जिले के सदर प्रखंड स्थित ग्राम जोड़ में ‘आत्मा'(ATMA) पलामू के तत्वावधान में मशरूम की खेती पर एक दिवसीय ‘कृषक पाठशाला’का सफल आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से 25 महिला कृषकों का चयन किया गया जिन्हें मशरूम उत्पादन के माध्यम से स्वावलंबी बनने के…

सदर प्रखंड स्थित जोड़ में 'आत्मा' पलामू के तत्वावधान में मशरूम की खेती पर एक दिवसीय 'कृषक पाठशाला'का आयोजन
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सदर प्रखंड स्थित जोड़ में 'आत्मा' पलामू के तत्वावधान में मशरूम की खेती पर एक दिवसीय 'कृषक पाठशाला'का आयोजन

राहुल मिश्रा जिला ब्यूरो चीफ पलामू

मेदिनीनगर/पलामू:- पलामू जिले के सदर प्रखंड स्थित ग्राम जोड़ में ‘आत्मा'(ATMA) पलामू के तत्वावधान में मशरूम की खेती पर एक दिवसीय ‘कृषक पाठशाला’का सफल आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से 25 महिला कृषकों का चयन किया गया जिन्हें मशरूम उत्पादन के माध्यम से स्वावलंबी बनने के तकनीकी गुर सिखाए गये।

वैज्ञानिक विधि से ऑयस्टर मशरूम की खेती क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने महिलाओं को ऑयस्टर मशरूम उगाने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई।उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन के लिए धान के पुआल(कुट्टी), फॉर्मेल्डिहाइड,कार्बेन्डाजिम, मशरूम बीज और प्लास्टिक बैग की आवश्यकता होती है।

खेती की प्रमुख विधि:

शोधन:100 लीटर पानी में 100 मिली फॉर्मेल्डिहाइड और 10 ग्राम कार्बेन्डाजिम मिलाकर 20 किलो कुट्टी को 12 घंटे तक भिगोया जाता है।
पैकिंग: कुट्टी को सुखाकर (नमी जांचने के बाद) प्लास्टिक के बैग में मशरूम बीज के साथ 5-6 परतों में भरा जाता है।
रखरखाव: तैयार बैगों को हवादार कमरे में लटकाया जाता है और नमी बनाए रखने के लिए समय-समय पर पानी का छिड़काव किया जाता है।
लागत कम, मुनाफा ज्यादा
पाठशाला में बताया गया कि मशरूम की खेती ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतरीन जरिया है।
लागत: एक बैग तैयार करने में मात्र 40 से 50 रुपये का खर्च आता है।
पैदावार: एक बैग से लगभग 2 किलो मशरूम प्राप्त होता है।
मुनाफा:दो महीने की मेहनत के बाद एक बैग से लगभग 350 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त की जा सकती है।

10 प्रखंडों में चल रही है पाठशाला
आत्मा पलामू द्वारा जिला के कुल 10 प्रखंडों में इस तरह की कृषक पाठशालाओं का संचालन किया जा रहा है।ग्राम जोड़ में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में मंजू सिंह,प्रशिक्षणार्थी सरिता सिंह और कृषक मित्र गोपाल विश्वकर्मा उपस्थित थे।

प्रशिक्षण पाने वाली मुख्य महिलाएं इस प्रशिक्षण में मुख्य रूप से गुलाबो देवी,मुनी देवी, अंजू देवी,अरविंदा देवी,सुनेना देवी, पुष्पा देवी,मनीषा देवी,बालेता देवी, ज्योति कुमारी और किरण देवी सहित कुल 25 महिलाएं शामिल हुईं।जोड़ गांव में कृषक पाठशाला चलाया जा रहा है।जिसमें कुल 25 महिला किसान ट्रेनिंग ले रही है। जिसमें दुलारी देवी,मुनि देवी, अंजलि देवी,सुनैना देवी,सुषमा सेवी,मनीषा देवी,ज्योति कुमारी और अन्य शामिल थी।

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