गारू। गारू थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव गोताग में गुरुवार को गारू थाना की ओर से जनजागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय मुखिया, ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सामाजिक कुरीतियों, कानून संबंधी जानकारी और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि किसी भी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना दंडनीय अपराध है और ऐसी घटनाओं की तत्काल सूचना पुलिस को देनी चाहिए।
इसके अलावा बाल विवाह और बाल मजदूरी के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों से कहा गया कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना ही उनके बेहतर भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उन्हें मजदूरी में न लगाएं।
बैठक में डायल-112 सेवा की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति, अपराध या सहायता की आवश्यकता होने पर इस सेवा का तुरंत उपयोग किया जा सकता है। साथ ही शराब के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान पर भी लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं और सुझाव भी सुने तथा भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों का नियमानुसार समाधान किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम गांवों में समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, ताकि लोग कानून के प्रति जागरूक हों और समाज में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा मिल सके।