लातेहार: विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जिला समाज कल्याण विभाग ने बुधवार को समाहरणालय में जिले के सभी प्रखंडों की बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) और महिला पर्यवेक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त ने की। इस दौरान स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि जन्म के बाद शिशु के लिए मां का दूध सबसे सुरक्षित और पौष्टिक आहार है। उन्होंने बताया कि जीवन के पहले छह महीने तक केवल मां का दूध पिलाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उनके शारीरिक व मानसिक विकास में मदद मिलती है। साथ ही इससे माताओं के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह का उद्देश्य इसी संदेश को हर परिवार तक पहुंचाना है।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। गांवों में बैठकें आयोजित कर लोगों को स्तनपान के लाभ, संतुलित पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा कुपोषण की रोकथाम के बारे में जानकारी दी जाए। इसके साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश भी व्यापक स्तर पर पहुंचाने को कहा गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आम लोगों तक नियमित रूप से पहुंचाई जाएंगी। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सविता कुमारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अनीता कुमारी तथा जिले के विभिन्न प्रखंडों की महिला पर्यवेक्षक उपस्थित थीं।