लातेहार। लंबित भुगतान, नई रॉयल्टी व्यवस्था और स्थानीय संवेदकों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को लातेहार के संवेदकों ने अपनी आवाज बुलंद की। लातेहार संवेदक संघ के अध्यक्ष राजन तिवारी के नेतृत्व में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे संवेदकों ने समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम नौ सूत्री मांगपत्र सौंपा और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि सरकार द्वारा लागू नई रॉयल्टी चालान व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। जिले में बालू घाटों की नियमित बंदोबस्ती नहीं होने तथा गिट्टी, मोरम, मिट्टी समेत अन्य निर्माण सामग्री के वैध चालान उपलब्ध नहीं होने से संवेदकों का भुगतान प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पहले से हुए एकरारनामे की शर्तों के आधार पर ही कार्यों का भुगतान किया जाए।
संघ ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग, भवन निर्माण विभाग, जिला परिषद, एनआरईपी समेत विभिन्न विभागों में करोड़ों रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है। इससे संवेदकों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है और मजदूरों के साथ-साथ सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान भी प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में स्थानीय संवेदकों को निविदाओं में प्राथमिकता देने, तत्कालीन उपायुक्त द्वारा जारी स्थानीय भागीदारी संबंधी आदेश को लागू करने, डीएमएफटी मद से कराए गए कार्यों में काटी गई 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करने, सीएसआर एवं विशेष केंद्रीय सहायता (एससीए) मद से पूर्ण योजनाओं का बकाया भुगतान करने की मांग भी की गई। इसके अलावा जिला परिषद में दूसरे जिले के व्यक्तियों का निबंधन रद्द करने तथा जिला परिषद और एनआरईपी की निविदाएं ऑफलाइन जारी करने की मांग उठाई गई।
संघ के सचिव दिलीप कुमार उर्फ पवन ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जिले के संवेदक सरकारी विभागों की निविदाओं का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में विकास कार्य प्रभावित होने की जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
मौक़े पर कोषाध्यक्ष रविकांत पासवान, रंजन प्रसाद, अशोक गुप्ता, मोज्जमिल, अजय कुमार गुप्ता, एहसान एवं अरविंद कुमार गुप्ता ,तौकिर आलम, मंटू कुमार, , आसिफ आगा, मिथलेश पासवान, मिशाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में संवेदक उपस्थित रहे।