रिपोर्ट: चंदवा/लातेहार
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों की भारी कमी को लेकर पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने रविवार को ओपीडी का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में ड्यूटी पर केवल डेंटल चिकित्सक कंचन बाड़ा सहित अस्पताल कर्मी त्रिलोकी सिंह, प्रवीण कुमार भोला, सुमित कुमार, सीमा कुमारी (एएनएम), अनोरा तिर्की एवं क्लोस तिक्का तिर्की मौजूद पाए गए।
निरीक्षण के बाद अयुब खान ने बताया कि सीएचसी में चिकित्सकों के आठ पद स्वीकृत हैं, जिनमें पहले पांच डॉक्टर कार्यरत थे। पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे इस केंद्र में 31 जुलाई को एक साथ तीन चिकित्सकों—डॉ. नीलिमा कुमारी, डॉ. मनोज कुमार और डॉ. श्रेयांस शुभम—का दूसरे जिलों में तबादला कर दिया गया। वहीं, डॉ. तरुण जोस लकड़ा की देवघर में प्रतिनियुक्ति हो गई और डॉ. प्रकाश बड़ाईक का निधन हो गया। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि बिना नए चिकित्सकों की पदस्थापना के डॉक्टरों का स्थानांतरण किया जाना पूरी तरह अनुचित है। वर्तमान में स्थिति यह है कि चंदवा का सीएचसी लगभग एकमात्र डेंटल चिकित्सक के भरोसे चल रहा है, जिससे लाखों लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
अयुब खान ने बताया कि चंदवा प्रखंड दुर्घटना जोन के रूप में जाना जाता है, जहां रोजाना सड़क हादसों में घायल मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नए चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो ओपीडी, आपातकालीन सेवाएं और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रम पूरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
पंचायत समिति सदस्य ने सरकार से मांग की है कि शीघ्र ही सभी रिक्त पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए। साथ ही, यदि नियुक्ति में देरी होती है तो तबादला किए गए तीनों चिकित्सकों का स्थानांतरण रद्द किया जाए, ताकि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें और मरीजों को इलाज के लिए रांची जैसे बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।