कोटालपोखर, संवाददाता। गुरुवार को सरस्वती शिशु मंदिर कोटालपोखर के प्रांगण में गुरुपूजन एवं गुरु दक्षिणा का कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य श्री जगजीत कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन एवं महर्षि वेदव्यास की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने छात्रों (भैया-बहनों) को गुरु पूजन के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा वैदिक काल से ही भारत में चली आ रही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ने भी गुरु के सान्निध्य में शिक्षा प्राप्त की। महाभारत काल के एकलव्य का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने द्रोणाचार्य को गुरु मानकर श्रेष्ठ धनुर्धर बनने का लक्ष्य हासिल किया और गुरु दक्षिणा में अपना अंगूठा अर्पित कर दिया।
गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में विद्यालय के सचिव भावेश कुमार साह ने सभी आचार्य एवं आचार्याओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
इस अवसर पर विद्यालय के आचार्यविकास चंद्र साह, अनुप लाल रजक, बिप्लब सिंह, भीम घोष, रोहित साह तथा आचार्याएं सुषमा कुमारी, रेखा अग्रवाल और साक्षी कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।