पाकुड़ (संवाददाता):
नगर परिषद क्षेत्र में पिछले करीब 15 दिनों से ठप पड़ी शहरी जलापूर्ति योजना के कारण हजारों परिवारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। घरों की टोंटियां सूखी हैं और लोग पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। बढ़ती समस्या को लेकर नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा के नेतृत्व में वार्ड पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मेघा भारद्वाज से मुलाकात कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि जलापूर्ति बाधित होने से लोगों को पानी खरीदने या दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राणा ओझा ने बताया कि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी ने पहले ही पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कराने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से जलापूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को शीघ्र मरम्मत कार्य पूरा कर शहरी जलापूर्ति योजना बहाल करने और नगरवासियों को जल्द से जल्द पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि विभाग तेजी से काम कर शहरवासियों को जल्द राहत देगा। प्रतिनिधिमंडल में वार्ड पार्षद निभा देवी, तनु दास, रेखा सरदारनी, पूनम देवी, अनिकेत गोस्वामी, राजा अंसारी, रियाज अंसारी, कमल राउत एवं गुड्डू भगत शामिल थे।