रिपोर्टर: संवाददाता, बोकारो
शिक्षा से जुड़ी अव्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च कर रहे निहत्थे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की देशभक्त नागरिक मंच, बोकारो ने कड़ी निंदा की है।
रविवार को मंच की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संयोजक इफ्तेखार महमूद ने कहा कि केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली दिल्ली पुलिस का यह व्यवहार लोकतंत्र के मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए, दमन का नहीं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1984 में लद्दाख में आमरण अनशन पर बैठे स्वर्गीय सोनम बंग्याल से बात करने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी स्वयं वहां पहुंची थीं। इसी तरह वर्ष 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को समाप्त कराने के लिए मनमोहन सिंह सरकार ने केंद्रीय मंत्री को वार्ता के लिए भेजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक और छात्रों के साथ दमनकारी रवैया अपनाया है, जो लोकतंत्र के अनुकूल नहीं है।
मंच के सह-संयोजक अरुण यादव ने कहा कि वांगचुक के अनशन पर बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर जैसे लोगों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
देशभक्त नागरिक मंच ने छात्रों के आंदोलन को देश के भविष्य से जुड़ा बताते हुए हर संभव सहयोग देने की घोषणा की।
संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय जनता दल के नेता एवं मंच के सह-संयोजक अरुण यादव, तंजीम-ए-इंसाफ के अनवर रफी, यूथ फेडरेशन के प्रखंड प्रभारी कमालुद्दीन, राजद के धीरज कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।