पचमो के रैयतों के अधिकार और R&R नीति पर हुई विस्तृत चर्चा, त्वरित कार्रवाई के निर्देश
गोमिया: राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद की पहल पर शनिवार को तेनुघाट स्थित सिंचाई विभाग के अतिथि गृह में कोतरे–बसंतपुर–पचमो (केबीपी) परियोजना से प्रभावित गोमिया अंचल के पचमो पंचायत के रैयतों के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वयं मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने की।
बैठक में अपर समाहर्ता बोकारो, बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी, गोमिया अंचल अधिकारी, सीसीएल हजारीबाग कोल क्षेत्र के महाप्रबंधक, सीसीएल रांची के भूमि एवं राजस्व विभाग के महाप्रबंधक, केबीपी परियोजना पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रभावित रैयत मौजूद रहे।
अपने संबोधन में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों और प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि पचमो पंचायत के रैयतों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) नीति के तहत रैयतों को मिलने वाले सभी अधिकार और सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।
मंत्री ने रैयतों की 15 सूत्री मांगों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए प्रत्येक मांग पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस दौरान रैयतों ने भी अपनी समस्याएं, चिंताएं और अधिकारों को खुलकर मंत्री के समक्ष रखा।
बैठक में प्रबंधन की ओर से बताया गया कि जिन मांगों का संबंध नीतिगत निर्णयों से है, उन्हें आवश्यक कार्रवाई हेतु सीसीएल मुख्यालय भेजा जाएगा, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर लंबित मांगों पर सकारात्मक सहमति जताई गई।
बैठक के उपरांत मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पचमो के रैयत लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन अब उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। इस सार्थक वार्ता के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी है और शेष मामलों के समाधान की प्रक्रिया भी जल्द आगे बढ़ाई जाएगी।
त्रिपक्षीय वार्ता के सफल आयोजन पर उपस्थित रैयतों ने खुशी जताते हुए इसे अपने लंबे समय से लंबित अधिकारों के समाधान की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।