पाकुड़ संवाददाता।आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब होटलों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। इसी कड़ी में अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी एवं कार्यपालक दंडाधिकारी विकाश कुमार त्रिवेदी के नेतृत्व में पाकुड़ शहर के विभिन्न होटलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई होटलों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई,जिसके बाद अधिकारियों ने संबंधित होटल संचालकों को सात दिनों के भीतर फायर सेफ्टी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आखिर होटलों में फायर सेफ्टी क्यों जरूरी है?
होटल ऐसी जगह हैं जहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग ठहरते हैं।किसी भी प्रकार की आगजनी घटना में जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। यही कारण है कि राष्ट्रीय भवन संहिता और अग्निशमन विभाग द्वारा होटलों के लिए विशेष सुरक्षा मानक निर्धारित किए गए हैं।
होटलों के लिए प्रमुख फायर सेफ्टी नियम
:–भवन में पर्याप्त संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) होना अनिवार्य है।
:–बहुमंजिला भवनों में फायर अलार्म सिस्टम और स्मोक डिटेक्टर की व्यवस्था होनी चाहिए।
:–आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए इमरजेंसी एग्जिट का स्पष्ट प्रावधान आवश्यक है।
:–बिजली के तार और उपकरण सुरक्षित एवं मानक अनुरूप होने चाहिए।
:–होटल कर्मियों को आग लगने की स्थिति में बचाव और प्राथमिक कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
:–अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी प्राप्त करना आवश्यक है।
:–पानी की उपलब्धता और फायर फाइटिंग सिस्टम को नियमित रूप से कार्यशील रखना जरूरी है।
निरीक्षण में क्या देखा गया?—
प्रशासनिक अधिकारियों ने होटलों में फायर एक्सटिंग्विशर,आपातकालीन निकास द्वार,अलार्म सिस्टम, विद्युत सुरक्षा और फायर एनओसी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जहां भी कमियां मिलीं, वहां संचालकों को तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया गया।
सात दिनों की मोहलत, फिर हो सकती है कार्रवाई—
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी होटल संचालक सात दिनों के भीतर फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करें। निर्धारिते समय सीमा के बाद पुनः जांच की जाएगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि—
प्रशासन का यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटनाओं ने यह साबित किया है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।पाकुड़ प्रशासन का यह अभियान होटल संचालकों के लिए चेतावनी भी है और अवसर भी,ताकि वे सुरक्षा मानकों का पालन कर अपने प्रतिष्ठान और वहां ठहरने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।