5 प्रमुख आयामों से समाज में साकारात्मक परिवर्तन संभव :वी .सुरेंद्र
जमशेदपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आर एस एस ) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन के सभागार में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजित की गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री वी. सुरेंद्रन जी ने अपने विचार प्रस्तुत किए। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उसके राष्ट्र जीवन में योगदान तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उसके व्यापक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने स्थापना काल से ही राष्ट्र को संगठित, सशक्त एवं संस्कारित बनाने का कार्य किया है। सेवा, समर्पण और संगठन के मूल मंत्र के साथ संघ ने समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया है। शिक्षा, सेवा, ग्राम विकास, स्वावलंबन तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संघ के स्वयंसेवकों का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
श्री सुरेंद्रन जी ने अपने वक्तव्य में “पंच परिवर्तन” की अवधारणा पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी तथा नागरिक कर्तव्यों के पालन जैसे पांच प्रमुख आयामों के माध्यम से समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से इन विषयों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव का विषय नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और समाज के प्रति अपने दायित्वों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहें।
कार्यक्रम के दौरान विषय प्रवेश महानगर कार्यवाह रविंद्र नारायण जी ने किया व मंच संचालन सह महानगर कार्यवाह मृत्युंजय जी ने किया ।
मंच पर महानगर के सह संघचालक माननीय भास्कर जोशी जी की उपस्थिति रही।