जेंडर रिसोर्स सेंटर का उद्घाटन, विभिन्न योजनाओं का किया निरीक्षण
लातेहार।
भारत सरकार के एडिशनल सेक्रेटरी एवं मिनिस्ट्री ऑफ कोऑपरेशन के सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसायटीज तथा आकांक्षी जिला लातेहार के केंद्रीय प्रभारी श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने आज महुआडांड़ प्रखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत नीति आयोग द्वारा निर्धारित सूचकांकों के आधार पर प्रखंड में संचालित योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
दौरे के क्रम में एडिशनल सेक्रेटरी द्वारा जेंडर रिसोर्स सेंटर का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया गया। उन्होंने केंद्र के उद्देश्यों, महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों की जानकारी ली और संबंधित पदाधिकारियों को प्रभावी एवं सुचारू संचालन के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का भी दौरा किया। यहां मिशन बुनियाद के तहत संचालित शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों का अवलोकन किया गया तथा बच्चों की सीखने की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत पोषण स्तर में सुधार, बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को दी जा रही सेवाओं, पोषण आहार की उपलब्धता एवं गुणवत्ता पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर बच्चों के बीच स्वेटर का वितरण तथा किशोरियों को डायरी एवं अध्ययन सामग्री भी प्रदान की गई।
एडिशनल सेक्रेटरी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय बनाए रखना आवश्यक है।
इसके पश्चात पीएचसी नेतरहाट (टेली मेडिसिन) का निरीक्षण किया गया, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं, टेली मेडिसिन सेवाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं नेतरहाट आवासीय विद्यालय का भी दौरा कर शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की सुविधाओं तथा आधारभूत संरचना का जायजा लिया गया।
महुआडांड़ आकांक्षी प्रखंड के अंतर्गत नीति आयोग के सूचकांकों पर आधारित कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं, नवाचारों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। एडिशनल सेक्रेटरी ने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन, आधारभूत संरचना एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े सूचकांकों पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि नीति आयोग के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
दौरे के क्रम में एफपीओ केंद्र का भी निरीक्षण किया गया, जहां जीरा फूल चावल एवं मूंगफली प्रसंस्करण इकाई का अवलोकन किया गया। उन्होंने प्रसंस्करण, विपणन व्यवस्था एवं स्थानीय आजीविका सृजन की संभावनाओं की सराहना की। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों के बीच आरएफ/सीएफ (रिवॉल्विंग फंड/कम्युनिटी फंड) का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि सहकारिता एवं स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम हैं।
इसके उपरांत प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के तहत पंचायत सचिवालय अकसी, चैनपुर एवं दुरूप में आयोजित कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान लाभुकों के बीच विभिन्न परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, डीआरडीए निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी महुआडांड़ बिपिन कुमार दुबे सहित जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।