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1. ज्यादा गैस बनने से कौन-सी बीमारी हो सकती है?
गैस बनना सामान्य है, लेकिन लगातार ज्यादा गैस होने पर यह कुछ समस्याओं का संकेत हो सकता है:
संभावित कारण / बीमारियाँ
- एसीडिटी (Acid Reflux / GERD)
- इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) – पेट बार-बार फूलना, दस्त/कब्ज बदल-बदल कर होना
- लैक्टोज इनटॉलरेंस – दूध या दूध के पदार्थ खाने पर गैस/दस्त
- गट इन्फेक्शन (पेट का इंफेक्शन)
- पैंक्रियाटिक एंज़ाइम की कमी – खाने का पूरा न पचना
- सीलिएक डिजीज (ग्लूटेन इनटॉलरेंस) – गेहूं खाने पर तकलीफ
- कब्ज (Constipation) – आंतों में गैस फँस जाती है
अगर गैस के साथ वजन कम हो, खून की कमी हो, काला मल आए, लगातार उल्टी हो या तेज दर्द हो—तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
2. फँसी हुई गैस छोड़ने के लिए कहाँ दबाएं? (Acupressure Points)
गैस निकालने में मदद करने वाले कुछ प्रमुख प्रेशर पॉइंट्स:
(A) स्टमक 36 – पैरों पर
- घुटने के नीचे 3 उँगली, और थोड़ा बाहर की तरफ।
- हल्का दबाव 1–2 मिनट।
→ पाचन को मजबूत करता है और गैस कम करता है।
(B) CV-6 – नाभि से नीचे
- नाभि से लगभग 2 उँगली नीचे, पेट के बीच में।
- 2–3 मिनट दबाने से गैस रिलीज में मदद।
(C) LI-4 – हाथ में
- अंगूठा और तर्जनी उँगली के बीच की हड्डी वाला नरम स्थान।
- 1 मिनट दबाएँ।
→ गैस से होने वाली ऐंठन और तनाव कम होता है।
(D) SP-15 – नाभि के दाएँ-बाएँ
- नाभि से लगभग 2–3 उँगली दाईं और बाईं ओर।
→ आंतों की मूवमेंट बढ़ती है, गैस निकलने में मदद।
3. गैस बनने पर कहां-कहां दर्द होता है?
गैस अलग-अलग जगह फंसने पर अलग-अलग जगह दर्द दे सकती है:
(A) ऊपरी पेट
- पेट का ऊपरी भाग (छाती के नीचे)
→ भारीपन, जलन, डकारें
(B) निचला पेट / बाजू का हिस्सा
→ आंतों में गैस फँसने से मरोड़ जैसा दर्द
(C) छाती के पास (लेफ्ट साइड में भी)
→ कई बार गैस के कारण दिल जैसा दर्द महसूस होता है
(अगर शक हो कि यह गैस नहीं है तो डॉक्टर दिखाएँ)
(D) पीठ में दर्द
→ बड़ी आंत में गैस जमा होने पर निचली पीठ तक दर्द जा सकता है।
(E) कंधे तक दर्द
→ पेट में फंसी गैस से कभी-कभी referred pain कंधे तक महसूस होता है।
गैस रोकने के आसान घरेलू उपाय
- खाना धीमे-धीमे चबाकर खाना
- दही/छाछ, जीरा-अजवाइन, अदरक, हिंग का उपयोग
- बहुत देर खाली पेट न रहें
- रात में भारी भोजन न करें
- रोज 20–30 मिनट टहलें
- कब्ज न रहने दें