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घाघरा में ब्राउन शुगर का अवैध कारोबार चरम पर, युवाओं का भविष्य अंधकारमय

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घाघरा में ब्राउन शुगर का अवैध कारोबार चरम पर, युवाओं का भविष्य अंधकारमय

(रिपोर्ट: प्रेम कुमार साहू, घाघरा, गुमला) घाघरा (गुमला): घाघरा मुख्यालय और उसके आसपास के क्षेत्रों में नशे का अवैध कारोबार तेज़ी से पैर पसार रहा है। ब्राउन शुगर की बढ़ती उपलब्धता के कारण क्षेत्र के युवा और स्कूली बच्चे नशे के चंगुल में फंसते जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता और पुलिस की सुस्ती…

घाघरा में ब्राउन शुगर का अवैध कारोबार चरम पर, युवाओं का भविष्य अंधकारमय
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घाघरा में ब्राउन शुगर का अवैध कारोबार चरम पर, युवाओं का भविष्य अंधकारमय

(रिपोर्ट: प्रेम कुमार साहू, घाघरा, गुमला)

घाघरा (गुमला): घाघरा मुख्यालय और उसके आसपास के क्षेत्रों में नशे का अवैध कारोबार तेज़ी से पैर पसार रहा है। ब्राउन शुगर की बढ़ती उपलब्धता के कारण क्षेत्र के युवा और स्कूली बच्चे नशे के चंगुल में फंसते जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता और पुलिस की सुस्ती के कारण नशा माफिया खुलेआम कारोबार कर रहे हैं, और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग रही।

खुलेआम बिक रहा है ब्राउन शुगर, पुलिस बेखबर

घाघरा मुख्यालय के सबसे व्यस्त क्षेत्र चांदनी चौक और उसके आसपास ब्राउन शुगर की खुलेआम बिक्री हो रही है। माफिया इतनी आसानी से इस घातक नशे की आपूर्ति कर रहे हैं कि पुलिस को इसकी कोई जानकारी नहीं है। आरोप है कि कुछ स्थानीय नशा कारोबारी इन ड्रग्स माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं और पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी उन्हें पहले ही मिल जाती है। नतीजतन, पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही है।

एक पुड़िया ब्राउन शुगर की कीमत 400 से 500 रुपये

स्थानीय लोगों के अनुसार, ब्राउन शुगर की एक पुड़िया की कीमत 400 से 500 रुपये के बीच है। पीड़ित युवाओं के परिजनों का कहना है कि एक व्यक्ति यदि दिन में दो से तीन बार ब्राउन शुगर का सेवन करता है तो उसे प्रतिदिन लगभग 1500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यह लत युवाओं को अपराध की ओर धकेल रही है, क्योंकि इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए वे गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है नशे का जाल

घाघरा मुख्यालय के अलावा अब आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी ब्राउन शुगर का कारोबार पैर पसार रहा है। नशा माफिया अब शहर से बाहर ग्रामीण इलाकों में अपने नेटवर्क को बढ़ाने में जुटे हैं। इसका सीधा असर वहां के युवाओं पर पड़ रहा है, जहां पहले इस तरह की लत कम देखी जाती थी। अब गांवों में भी युवा नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं।

‘उड़ता पंजाब’ बनने की राह पर घाघरा?

अगर समय रहते प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो घाघरा और उसके आसपास के इलाके भी ‘उड़ता पंजाब’ की तरह नशे की गिरफ्त में आ सकते हैं। ब्राउन शुगर की लत से युवा न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो रहे हैं, बल्कि वे अपराध की दुनिया में भी कदम रख सकते हैं।

पुलिस पर उठ रहे सवाल, कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि घाघरा थाना क्षेत्र के कई हिस्सों में यह कारोबार जोरों पर है, लेकिन पुलिस कोई सख्त कदम नहीं उठा रही है। चांदनी चौक जैसे अति संवेदनशील इलाके में ब्राउन शुगर की सप्लाई धड़ल्ले से हो रही है और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती। इससे साफ जाहिर होता है कि या तो पुलिस अनदेखी कर रही है या फिर किसी दबाव में है।

प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोग और पीड़ित युवाओं के परिजन प्रशासन से इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। यदि जल्द ही पुलिस और प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में यह नशे का कारोबार और विकराल रूप ले सकता है। पुलिस को चाहिए कि वह सतर्कता बढ़ाए, सख्त कार्रवाई करे और ड्रग्स माफियाओं पर शिकंजा कसे ताकि घाघरा और उसके आसपास के क्षेत्र को इस नशे के जाल से बचाया जा सके।

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