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माता- पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के मार्गदर्शक होते हैं :- सुधा कुमारी

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माता- पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के मार्गदर्शक होते हैं :- सुधा कुमारी

सतबरवा से दिनेश यादव की रिपोर्ट- सतबरवा (पलामू) :- सतबरवा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न विद्यालय एवं शैक्षणिक संस्थानों में गुरु और शिष्य के बीच के संबंधों पर विभिन्न वक्ताओं के द्वारा प्रकाश डाला गया।5 सितंबर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्ण के जन्मदिन के अवसर पर उनके तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके चारित्रिक गुणों को…

माता- पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के मार्गदर्शक होते हैं :- सुधा कुमारी
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माता- पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के मार्गदर्शक होते हैं :- सुधा कुमारी

सतबरवा से दिनेश यादव की रिपोर्ट-

माता- पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों के मार्गदर्शक होते हैं :- सुधा कुमारी

सतबरवा (पलामू) :- सतबरवा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न विद्यालय एवं शैक्षणिक संस्थानों में गुरु और शिष्य के बीच के संबंधों पर विभिन्न वक्ताओं के द्वारा प्रकाश डाला गया।5 सितंबर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्ण के जन्मदिन के अवसर पर उनके तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके चारित्रिक गुणों को आदर्श मानते हुए,उनके पथ चिन्हों पर चलने का सुझाव दिया गया।इस अवसर पर बच्चों ने शिक्षकों को सम्मानित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।

वही सतबरवा जिला परिषद सुधा कुमारी और अजय उरांव ने शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर गुरु राम लखन सिंह को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। अजय उरांव ने कहां की गुरु की मार्गदर्शन पर चलने से हमेशा कामयाबी मिलती है। आज तक हमने जो कुछ किया है,वह कहीं ना कहीं गुरु का देन है। गुरु वे होते हैं जो हमेशा बेहतर बनने का अपने शिष्य के प्रति मार्गदर्शन करते हैं।

एस.डी.एम आवासीय विद्यालय में मनाया गया शिक्षक दिवस

एस.डी.एम.आवासीय विद्यालय मुरमा में बच्चों और शिक्षक के बीच बड़े ही धूमधाम, उत्साह के साथ 5 सितंबर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस के शुभ अवसर पर केक काट कर उन्हें याद किया गया।*

वही विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश यादव ने कहा की माता-पिता के बाद शिक्षक ही होते हैं जो बच्चों के मार्गदर्शक होते हैं।शिक्षक वे होते हैं जो बच्चों को अज्ञांता रूपी अंधकार को दूर कर उन्हे ज्ञान रूपी प्रकाश की ओर ले जाते हैं।

शिक्षक का अर्थ है – कमजोर छात्रों को क्षमा के भावना रखते हुए, ऊंचे शिखर तक ले जाने वाले को शिक्षक कहते हैं। शिक्षक हमेशा निस्वार्थ भाव से शिक्षा देने का काम करते हैं एवं अपने गुरु और बड़ो को सम्मान करने की प्रेरणा देते हैं।

मौके पर उपस्थित मनीष कुमार रवि, त्रिपुरारी पाठक, दीपक कुमार ,लव कुमार,अनीता कुमारी,लक्ष्मी मैम, अनुप्रिया कुमारी,दीक्षा कुमारी, आशा कुमारी एवं मिथिलेश कुमार शुक्ला उपस्थित थे।

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