सुल्तानपुर(आरएनएस)। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कूरेभार थानाक्षेत्र के सेउर में शुक्रवार हो हड़कंप मच गया। यहां एक कार डिवाइडर से टकरा गई, कार के जहां परखच्चे उड़ गए वही इस पर सवार दो महिलाओं समेत तीन की मौत हो गई। एक घायल का राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। यूपीडा टीम व पुलिस टीम मौके पर राहत व बचाव कार्य में जुटी है।
जानकारी के अनुसार शादी समारोह में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बल्लभगढ़ हरियाणा से एक परिवार के लोग बिहार के आरा के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से होकर जा रहे थे। कार जिले के कूरेभार थाना अंतर्गत सेउर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर किमी 123 पर डिवाइडर टकरा गई। जिससे कार पर सवार दंपत्ति समेत तीन की मौके पर मौत हो गई। जबकि एक गंभीर रूप से घायल हुआ है। सूचना मिलते ही यूपीडा की टीम व स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी मृतकों की पहचान कराते हुए सूचना परिवार वालों को दी है। जबकि घायल को एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर भेजवाया है। हादसा तेज रफ्तार के चलते हुआ है। एसओ कूरेभार अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि कार पर सवार राम चंद्र गुप्ता (55वर्ष) पुत्र शिवदास गुप्ता उनकी पत्नी माया देवी (52वर्ष) और चिंता देवी (51वर्ष) पत्नी श्याम बिहारी की मौत हुई है। सभी बिहार के आरा थाना अंतर्गत बिहिया के निवासी हैं। वही विकास (30वर्ष) पुत्र रामचंद्र घायल हुआ है।
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(नई दिल्ली)इंडिया एक्सपो सेंटर के दुसरे दिन झारखंड पवेलियन में लोगों ने पर्यटन के बारे में जाना
प्रदर्शनी में झारखंड सरकार अपनी हरियाली और पर्यावरणीय पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्र और दुनिया के सामने कर रही है प्रदर्शित
नई दिल्ली, (आरएनएस)। 22 से 24 फरवरी तक इंडिया एक्सपो सेंटर और मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित स््रञ्जञ्जश्व 2024 में झारखंड सरकार अपनी हरियाली और पर्यावरणीय पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्र और दुनिया के सामने प्रदर्शित कर रही है। साउथ एशिया के सबसे बड़े ट्रैवल एवं टूरिज्म शो स््रञ्जञ्जश्व 2024 के दुसरे दिन हॉल संख्या 14, स्टॉल ई–65, झारखंड पवेलियन में लोगों की काफी भीड़ देखी गई द्य झारखंड स्टॉल पर झारखंड के पर्यटक स्थल एवं इको टूरिज्म के मॉडल के साथ सेल्फी लेने का क्रेज भी लोगों में खुब दिखा द्य झारखंड पर्यटन विभाग द्वारा इस प्रर्दशनी के माध्यम से झारखंड सरकार का मुख्य उद्देश्य झारखंड को एक पसंदीदा पर्यटक स्थल, पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए पसंदीदा राज्य, पर्यटकों की आगमन में वृद्धि करने और क्षेत्र में पर्यटन संबंधित गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। झारखंड स्टॉल के प्रभारी एवं प्रोजेक्ट हेड श्रेया स्वराज ने कहा कि स््रञ्जञ्जश्व 2024 में झारखंड में पर्यटन की अपार संभावनाओं को विविध पर्यटन सर्किट के माध्यम से प्रर्दशित कर रहा है द्य जिसमें राज्य की अनूठी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक आकर्षणों को प्रदर्शित किया गया है। स््रञ्जञ्जश्व 2024 में इस बार झारखंड के इको-पर्यटन सर्किट ,बौद्ध सर्किट,ट्राइबल सर्किट एडवेंचर सर्किट के माध्यम से पर्यटकों को लुभाने का प्रयास किया जा रहा है द्य उन्होंने यह भी कहा कि आज के भागदौड़ के जीवन में हर कोई कोई ऐसे जगह की तलाश मे रहता है जहां वह कुछ दिन शांत एवं शुकून से नेचर के गोद में आंनद से गुजार सके एवं प्राकृतिक नजारों का आनन्द ले सके और इसके लिए झारखंड सर्वाधिक उपयुक्त जगह है। झारखंड अपनी शुद्ध प्राकृतिक सौंदर्य और धनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध, एक प्रदूषण-मुक्त वातावरण प्रदान करता है जो इको-पर्यटन प्रेमियों के लिए आदर्श है। भारी वन्यजीव अभ्यारण्य, शानदार झरने, और विविध वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के साथ, यह प्राकृतिक शांति के अनुभव में प्रदान करता है। क्षेत्र के सतत विकास और संरक्षण प्रयासों की पुष्टि इसके पारिस्थितिकीय रत्नों की रक्षा सुनिश्चित करती है। आगंतुक स्वयं को झारखंड के अद्भूत मनोरम परिदृश्यों में खोकर आनंदित होंगे , जिससे यह एक इको-पर्यटन प्रेमियों के लिए प्रमुख स्थल बनता है, साथ ही झारखंड एक निवेश-अनुकूल राज्य है। झारखंड की पर्यटन नीति के तहत इसमें 25त्न तक की सब्सिडी की प्रावधान है (10 करोड़ तक) और बिजली बिल, जीएसटी, और कई और लाभों में भी सरकार द्वारा सुविधा दी जाती है। झारखंड सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एवं पर्यटकों द्वारा देखे जाने वाले पर्यटन सर्किट सर्किट में विभाजित किया है एवं लोगों को झारखंड में आने के लिए स््रञ्जञ्जश्व 2024 के माध्यम से झारखंड आने के लिए आह्वाहन कर रहा हैं द्य इनमें सबसे बौद्ध सर्किट में पार्शनाथ हिल्स, देवरी मंदिर, और अन्य मोनास्ट्रीज़ जैसी बौद्ध स्थल ,ट्राइबल सर्किट में कई स्थानीय जनजातियों के घर हैं, और ट्राइबल सर्किट यात्रीयों को उनकी समृद्धि से भरी सांस्कृतिक विरासत की खोज करने की अवसर मिलेगा जिनमें नेतरहट, सिमडेगा, और खूंटी जैसी गाँव में जनजाति के जीवन, परंपराएं, और जीवंत कला का एक झलक देख सकते हैं। वहीं इको-पर्यटन सर्किट में झारखंड की हरियाली और विभिन्न भू-स्वरूपों को बेतला राष्ट्रीय उद्यान, डालमा वन्यजीव अभ्यारण्य, और पंचघाघ जैसे स्थान का आनन्द ले सकते हैं द्य जहां घूमने के अलावा प्राकृतिक सौंदर्य के साथ राज्य की बायोडाइवर्सिटी का अन्वेषण करने का एक अवसर प्रदान करते हैं। झारखंड की भौगोलिक स्थिति एडवेंचरस गतिविधियों के लिए अनुकूल है। एडवेंचर सर्किट में नेतरहाट जैसे गंतव्य शामिल हैं, जो ट्रैकिंग के अवसर प्रदान करता है, वहीं पैराग्लाइडिंग और अन्य एडवेंचर खेलों में रुचि रखने वालों के लिए मैक्लुस्कीगंज जैसी जगह शामिल है। इसके अलावा वॉटरफॉल सर्किट के तहत झारखंड में कई सुरम्य झरने हैं, और इस सर्किट में हुंडरू फॉल्स, जोन्हा फॉल्स और दशम फॉल्स जैसे लोकप्रिय झरने शामिल हैं। पर्यटक इन झरने वाले जल निकायों की लुभावनी सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।वहीं खनन पर्यटन सर्किट के माध्यम से खनन में निहित इतिहास के साथ, पर्यटकों को धनबाद कोयला क्षेत्र और खान संग्रहालय जैसे खनन से संबंधित आकर्षणों तक ले जाता है, जो क्षेत्र की औद्योगिक विरासत में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।