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मैं जिंदा हूं साहब,आखिर कितनी बार कहूँ, पेंशन के लिए दर दर भटक रहा है -मो. शफीक

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मैं जिंदा हूं साहब,आखिर कितनी बार कहूँ, पेंशन के लिए दर दर भटक रहा है -मो. शफीक

चतरा :- चतरा शहर के चुड़ीहार मुहल्ला के रहने वाले एक दिव्यांग मो. शफीक को जिंदा होने के बावजूद इसके दस्तावेजो में मृत घोषित कर दिया गयका है। यह खेल सत्यापन के दौरान सरकारी विभाग के कर्मचारियों ने कर दिया है। जिससे उसे दिव्यांग पेंशन बंद हो गया और उसे खाने के लाले पड़ने लगा।जिसे…

मैं जिंदा हूं साहब,आखिर कितनी बार कहूँ, पेंशन के लिए दर दर भटक रहा है -मो. शफीक
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मैं जिंदा हूं साहब,आखिर कितनी बार कहूँ, पेंशन के लिए दर दर भटक रहा है -मो. शफीक
  • खुद को जिंदा साबित करने के लिए दिव्यांग एक वर्ष से दफ्तरों का काट रहा है चक्कर
  • सरकारी कर्मियो की लापरवाही का मार झेल भटक रहा है भुक्तभोगी
  • उपायुक्त से पेंशन चालू कर उक्त दोषी लोगों पर कार्रवाई की किया मांग

चतरा :- चतरा शहर के चुड़ीहार मुहल्ला के रहने वाले एक दिव्यांग मो. शफीक को जिंदा होने के बावजूद इसके दस्तावेजो में मृत घोषित कर दिया गयका है। यह खेल सत्यापन के दौरान सरकारी विभाग के कर्मचारियों ने कर दिया है। जिससे उसे दिव्यांग पेंशन बंद हो गया और उसे खाने के लाले पड़ने लगा।जिसे लेकर भुक्तभोगी दिव्यांग अपने जिंदा होने की साबित करने के लिए दफ्तरों का चक्कर लगा रहे हैं। जहां दफ्तरों द्वारा अभी तक उसे जिंदा घोषित नहीं कि जा सकी है। भुक्तभोगी वृद्ध शफीक दिव्यांग व्यक्ति हैं। जहां उनके आय का कोई अन्य स्त्रोत नहीं हैं।पेंशन पर ही वह दो जून रोटी पर निर्भर हैं।कई वर्षो से शफीक को पेंशन मिलती आ रही थी, लेकिन 2022 अक्टूबर माह में उसके जीवित होते हुए भी मृत घोषित कर दिया गया जिससे पेंशन बंद कर हो गयी।अब पीड़ित खुद को जिंदा होने का सबूत पेश कर पेंशन चालू कराने के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा लगा गुहार लगा रहा हैं। साथ हीं बैंक का भी चक्कर लगाना पड़ रहा हैं। मो. शफीक ने कई बार प्रखंड कार्यालय एवं समाहरणालय में आवेदन दे चुका हैं। अब आस टूट जाने के बाद उपायुक्त से वृद्धा पेंशन चालू कराने की मांग किया है।साथ ही गलत सत्यापन करने वालो के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग किया ताकि हमारे जैसे कोई अन्य बृद्ध भुक्तभोगी ना हो। गौर तलब है कि उक्त भुक्तभोगी जिस दफ्तर में अपना शिकायत लेकर जाता है उसे सभी केवल आवेदन की हीं मांग करते रहें है। कोई उसका बृद्धा पेंशन चालू अभी तक नहीं कर पाए। क्या जीवित व्यक्ति को मृत बताया जा सकता है । क्या उसपर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। यदि होनी चाहिए तो कब।

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  1. MichaelKef Avatar

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