हिंदी भाषा हमारी सांस्कृतिक पहचान…… प्रसाद पासवान, प्राचार्य नेतरहाट आवासीय विद्यालय
LATEHAR:-नेतरहाट आवासीय विद्यालय में मनाया गया हिंदी दिवस। हिंदी दिवस के अवसर पर नेतरहाट आवासीय विद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा हिंदी दिवस का कार्यक्रम मनाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक प्रशिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे। हिंदी दिवस के अवसर पर कक्षा वार विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। उन प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को भी आज के कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ प्रसाद पासवान, वरीयतम शिक्षक श्री रवि रंजन एवं पूर्व उप प्राचार्य अंशुमान चटर्जी के द्वारा प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ नरेंद्र कुमार मंडल ने की। उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व पर जोर देते हुए कहा की हिंदी एक विषय नहीं बल्कि एक भाषा है और हिंदी शर्म की नहीं अपितु गर्व की भाषा है।
इसलिए हम सबको हिंदी भाषा पर गर्व होना चाहिए क्योंकि हिंदी भाषा की ख्याति पूरे देश-विदेश में बढ़ रही है। हिंदी भाषा हमारी संस्कृति की पहचान है और अब पूरे विश्व के लोग हिंदी की ताकत से परिचित हो रहे हैं और इस और आकर्षित भी हो रहे हैं। प्राचार्य महोदय ने अपने संबोधन में हिंदी के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि स्थापना काल से ही नेतरहाट आवासीय विद्यालय हिंदी के प्रयोग पर बल देता आया है और इसके विकास में इस विद्यालय का अभूतपूर्व योगदान है। आज भी नेतरहाट विद्यालय में सारे कार्य हिंदी भाषा में ही होते हैं। वरीयतम शिक्षक श्री रवि रंजन जी ने छात्रों को उत्साह बढ़ाया एवं दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया । पूर्व प्राचार्य अंशुमान चटर्जी जी ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला तथा छात्रों को हिंदी को और भी सशक्त बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने को कहा। इस कार्यक्रम में संगीत विभाग के अध्यक्ष डॉ० शिशिर सौरभ एवं प्रशिक्षक दिवाकर मिश्र तथा छात्रों के द्वारा राजभाषा हिंदी से संबंधित कई गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर छात्रों के द्वारा हिंदी भाषा के महत्व पर कई भाषण एवं कविता पाठ प्रस्तुत किए गए। अंत में कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि हिंदी हम सब की भाषा है इसलिए इसके विकास में हम सभी अपना योगदान ईमानदारी एवं निष्ठा पूर्वक देंगे।