पाकुड़ संवाददाता:
जमीन के असफल सौदे से जुड़े चेक बाउंस मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद फरार चल रहे संजय रक्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
नगर थाना क्षेत्र के महुआडांगा निवासी बंकिम रक्षित के पुत्र संजय रक्षित को अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सादिश उज्ज्वल बेक की अदालत ने पूर्व में दोषी ठहराते हुए छह माह के साधारण कारावास और ढाई लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा के बाद से ही वह फरार चल रहा था।
यह मामला जमीन के एक असफल सौदे से जुड़ा है। राजापाड़ा निवासी हरेराम भास्कर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया था। शिकायत के अनुसार, सौदा विफल होने के बाद संजय रक्षित पर 1.40 लाख रुपये की देनदारी बनी थी, जिसके भुगतान के लिए उसने दो चेक जारी किए थे।
छह माह की सजा और 2.5 लाख रुपये जुर्माने के बाद फरार चल रहा था आरोपी, पुलिस ने पकड़कर किया न्यायालय में प्रस्तुत
जब दोनों चेक बैंक में प्रस्तुत किए गए, तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वे बाउंस हो गए। इसके बाद विधिक नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया, जिससे मामला न्यायालय पहुंचा।
सुनवाई के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने अधिकांश राशि चुका दी है, लेकिन वह अपने पक्ष में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
सजा के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। अंततः पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माने की पूरी राशि शिकायतकर्ता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।